पिहोवा 11 सितम्बर – पर्यावरण एवं वन मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि पिहोवा में श्राद्ध पक्ष का महत्व बहुत अधिक है क्योंकि इसे पवित्र तीर्थस्थल माना जाता है, जहाँ अकाल मृत्यु प्राप्त आत्माओं को मुक्ति मिलती है और पितरों को तृप्त किया जाता है। वे वीरवार को श्राद्घ पक्ष के अवसर पर पितृ पूजन करवाने के लिए पिहोवा के सरस्वती तीर्थ पर पंहुचे थे। इस अवसर पर उनके साथ पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा, नगरपालिका प्रधान आशीष चक्रपाणि, कुरुक्षेत्र से मन की बात प्रमुख हन्नु चक्रपाणि भी मौजूद थे।
पर्यावरण एवं वन मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि पिहोवा वह स्थान है जहाँ युधिष्ठिर ने कृष्ण के कहने पर सरस्वती तीर्थ पर तेल अर्पित कर मृत आत्माओं को शांति प्रदान की थी, और आज भी लोग यहाँ पितरों की शांति के लिए पिण्डदान व श्राद्ध कर्म करते हैं। पिहोवा के पावन सरस्वती तीर्थ पर दूर दराज से लोग श्राद्घ पक्ष के दौरान पूजा अर्चना करवाते हैं तथा अपने पित्रों की आत्मिक शांति के लिए दान-पुण्य का कार्य करते हैं।
इस मौके पर मंत्री राज नरबीर सिंह ने सरस्वती मंदिर में माथा टेककर प्रदेशवासियों की खुशहाली और समृद्धि की कामना की। सरस्वती मंदिर में पूजा के पश्चात मंत्री राव नरबीर सिंह पवन मार्केट स्थित कुरुक्षेत्र के  मन की बात प्रमुख हन्नु चक्रपाणि के कार्यालय में पहुंचे, जहाँ पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने पंजाब और हिमाचल प्रदेश में आई बाढ़ से हुए नुकसान पर गहरी संवेदना व्यक्त की और आश्वासन दिया कि हरियाणा सरकार इन राज्यों की हरसंभव मदद करेगी। उन्होंने बताया कि सरकार ने इसके लिए विशेष पैकेज की घोषणा भी की है। इस अवसर पर पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा, नगरपालिका प्रधान आशीष चक्रपाणि, शाश्वत चक्रपाणि, गौरव चक्रपाणि, संदीप सिंगला, गिन्नी चक्रपाणि, सुरेंद्र धींगड़ा, लाडी पाल, जयपाल कौशिक, रविकांत कौशिक, चन्नी बहल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार दी जा रही हैं स्वास्थ्य सेवाएं : डा. मनीषा सिंह
पिहोवा 11 सितम्बर – डा. मनीषा सिंह प्रवर चिकित्सा अधिकारी उपमंडल नागरिक हस्पताल पिहोवा ने बताया कि पिहोवा क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों ठसका मीर जी, जल्बेहरा, टबरा, नैसी, जख्वाला, कुपिया प्लॉट अधोया में स्वास्थ्य सम्बन्धी गतिविधियां लगातार जारी है। जिन जगहों पर बाढ़ का पानी इकठ्ठा हुआ है वहां पर कटा हुआ तेल और टेमिफास का छिडक़ाव किया जा रहा है ताकि मच्छर ना पैदा हो सके। स्वच्छ पेयजल आपूर्ति के लिए ओटी टेस्ट करके पानी की गुणवत्ता की जांच की जा रही है। पंचायत घरों और धर्मशालाओं में स्वास्थ्य कैंप लगाए जा रहे हैं। लोगों को बीमारियों के बारे में जागरूक किया जा रहा है। डायरिया और गंदे पानी से होने वाली बीमारियों से ग्रस्त रोगियों की पहचान करके दवाइयां वितरित की जा रही है और उनका फॉलो अप भी किया जा रहा है। इस अवसर पर डॉ रमा प्रवर चिकित्सा अधिकारी सहित स्वास्थ्य विभाग के सदस्य भी उपस्थित थे।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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