करनाल 22 जुलाई।   जिला बाल संरक्षण कार्यालय, करनाल के तत्वावधान में कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज, करनाल के ओपीडी ब्लॉक में एडॉप्शन डेस्क का आयोजन किया गया। इस पहल का उद्देश्य आमजन को गोद लेने की कानूनी प्रक्रिया के प्रति जागरूक करना तथा गैर-कानूनी रूप से बच्चों को गोद लेने (इलीगल एडॉप्शन) से रोकना रहा।  इस डेस्क का संचालन जिला बाल संरक्षण अधिकारी रीना रानी तथा  गैर-संस्थागत संरक्षण अधिकारी  गुरमीत  द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के दौरान नागरिकों को बताया गया कि किसी भी बच्चे को गोद लेने के लिए केवल केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण द्वारा मान्यता प्राप्त प्रक्रिया का ही पालन करें।  अधिकारी गणों ने स्पष्ट रूप से अपील की कि किसी भी तरह का अवैध गोद लेने (इलीगल एडॉप्शन) से न केवल बच्चे के अधिकारों का हनन होता है, बल्कि यह कानूनन दंडनीय अपराध भी है। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ जेजे एक्ट 2015 के तहत सख्त कार्रवाई की जा सकती है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को बाल संरक्षण से जुड़ी कानूनी जानकारी, अधिकार, और आवश्यक पोर्टल्स (जैसे – CARINGS) के बारे में भी विस्तार से अवगत कराया गया।
जिला बाल संरक्षण अधिकारी रीना रानी ने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि यदि किसी को गोद लेने से संबंधित जानकारी या संदेह हो, तो वे जिला बाल संरक्षण कार्यालय, प्रथम फ्लोर, फायर ब्रिगेड ऑफिस नजदीक ट्रक यूनियन सेक्टर 4 करनाल में संपर्क करें और किसी भी असामाजिक तत्व द्वारा किए जा रहे अवैध गतिविधियों की सूचना तुरंत दें। इस एडॉप्शन डेस्क के सफल आयोजन में कार्यालय की एडीईओ रुचि तथा डाटा एनालिस्ट श्रीमती निधि का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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