हिसार। सातरोड गांव के सामने साउथ बाइपास पर बनाया जा रहा शहर का सबसे छोटा ओवरब्रिज एक माह में बनकर तैयार हो जाएगा।
जिससे दिल्ली रोड पर जाम से राहत मिलेगी। 33 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले ओवरब्रिज का काम अंतिम चरण में है। इस ओवरब्रिज की लंबाई महज 35 मीटर ही है, जबकि शहर में करीब तीन साल पहले बनाए गए कैमरी फाटक ओवरब्रिज 40 मीटर का है।
शहर के अन्य ओवरब्रिज भी इस ओवरब्रिज से लंबे है। इसकी चौड़ाई 11 मीटर ही रखी गई है। रेलवे लाइन संख्या 88 के ऊपर बनाए जा रहे ओवरब्रिज के निर्माण के लिए मंगलवार शाम छह बजे रेलवे व बीएंडआर के अधिकारियों व इंजीनियरों की मौजूदगी में तीन गार्डर रखे जाएंगे।
31 अगस्त तक पूरा होगा काम
ओवरब्रिज का निर्माण 31 अगस्त तक पूरा किया जाना है। गार्डर के डिजाइन को लेकर रेलवे की ओर से देरी हुई। इस कारण चार डेडलाइन भी बीएंडआर पार कर चुका है। गार्डर रखने के बाद स्लैब कास्टिंग का काम होगा। इस काम के बाद इसे सूखने में कम से कम 25 दिन का समय लगेगा।
30 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलाई जाएगी ट्रेनें ओवरब्रिज का कार्य संभाल रहे जय श्री बाला जी कंपनी से इंजीनियर मनोज ने बताया कि कार्य के दौरान यहां से गुजरने वाली सभी ट्रेनों की अधिकतम स्पीड 30 किमी प्रति घंटा की रफ्तार रखी गई है। रेलवे फाटक पर चेतावनी बोर्ड लगा दिए हैं।
ये होगा रूट
इन गांव व कॉलोनी को फायदा ओवरब्रिज के बनने से गांव कैमरी, मंगाली, गंगवा, बालसमंद, मुकलान, सिवानी, चौधरीवास सहित कैमरी रोड व आजाद नगर रोड स्थित कॉलोनियों के लोग साउथ बाइपास से होकर सीधे दिल्ली रोड पर गांव सातरोड के पास पहुंच पाएंगे।
