भिवानी। हैप्पी कार्ड के साथ भी अजीब विडंबना है। जो कार्ड पिछले वर्ष आए थे वे अभी तक बंट नहीं पा रहे हैं। इसके अलावा 10 महीने से नए हैप्पी कार्ड प्रदेश (Happy Card in Haryana) भर के डिपुओं में पहुंच नहीं रहे हैं। कार्डों को लेकर दिलचस्पी इसलिए भी कम मानी जा रही है कि ये प्राइवेट बसों और किलोमीटर आधारित बसों में चल नहीं रहे हैं।
रोडवेज कर्मचारियों ने इनके वितरण को लेकर गांवों में मुनादी भी कराई थी और गांवों में पहुंच कर इनके वितरण का प्रयास भी किया था। लेकिन ये अभी तक बंट नहीं पाएं हैं। डिपो पर इनको लेने के लिए प्रतिदिन मुश्किल से 10 से 12 लोग ही आ रहे हैं।
कार्डों की फैमिली ID के साथ जांच की जा रही
अधिकारियों की माने तो मुख्यालय पर जो हैप्पी कार्ड पेंडिंग हैं उनकी फैमिली आइडी और आधार कार्ड के आधार पर जांच की जा रही है। इसके बाद ही इनको डिपुओं में भेजा जाएगा।
जिनके बन गए वे लेने नहीं आ रहे, नहीं बने वे बनवाने आ रहे: रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि यह भी अजीब बात है जिनके हैप्पी कार्ड बन गए हैं वे गांवों में जाने और मुनादी करने के बाद भी लेने नहीं आ रहे हैं। जिनके नहीं बने हैं वे बनवाने के लिए चक्कर लगा रहे हैं।
फैमिली आइडी के साथ कार्डों की जांच जारी
हैप्पी कार्ड पात्र लोगों को वितरित किए जा रहे हैं। अभी कुछ पेंडिंग हैं। उनके लिए पात्र लोगों को सूचना देकर दिए जा रहे हैं। इसके अलावा पिछले कुछ समय से नए कार्ड नहीं आए हैं। हैप्पी कार्ड की सरकार की योजना को लोग अच्छा बता रहे हैं और इसका लाभ भी उठा रहे हैं।
-दीपक कुंडू, महाप्रबंधक भिवानी डिपो।
प्राइवेट और KM आधारित बसों में भी मान्य करें
हैप्पी कार्ड धारक डाबर कालोनी निवासी सतीश कुमार, बावड़ी गेट निवासी राजेश कुमार, हनुमान गेट निवासी रोहित और राकेश ने बताया कि हैप्पी कार्ड अच्छी योजना तो है पर इसे प्राइवेट और किलोमीटर आधारित बसों में भी मान्य किया जाए।
