सैक्टर 12 स्थित लघु सचिवालय के प्रांगण में योग प्रोटोकॉल प्रशिक्षण शिविर का हुआ आयोजन, अधिकारियों व कर्मचारियों ने किया योगाभ्यास,

करनाल, 13 जून। नगराधीश मोनिका ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योग आत्म दर्शन की उत्कृष्ट साधना है और इसे विधि, अवधि, निरंतरता तथा एकाग्रता के साथ करने से इसका पूर्ण लाभ मिलता है। नगराधीश शुक्रवार को सेक्टर 12 स्थित लघु सचिवालय के प्रांगण में 11वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों को लेकर आयोजित एक दिवसीय योग प्रोटोकॉल प्रशिक्षण शिविर में अधिकारियों, कर्मचारियों, योग साधकों व आमजन को संबोधित कर रही थीं। इस मौके पर नगराधीश ने उपस्थित जनों को योग युक्त व नशा मुक्त समाज बनाने का संकल्प दिलाया और सभी को पौधे वितरित कर पर्यावरण संरक्षण की दिशा मे कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
नगराधीश मोनिका ने कहा कि दैनिक जीवन की चुनौतियों से पार पाने के लिए शरीर को स्वस्थ रखना आवश्यक है और इसके लिए योग से जुडऩा जरूरी है। योग आध्यात्मिक अनुशासन एवं अत्यंत सूक्ष्म विज्ञान पर आधारित ज्ञान है, जो मन और शरीर के बीच सामंजस्य स्थापित करता है। योगाभ्यास में योग मुद्रा व एक्यूप्रेशर विज्ञान का भी अपना महत्व है। जोड़ो में दर्द, घुटने दर्द, कमर दर्द, सिर दर्द व थायराइड जैसे रोगों से मुक्ति पाने में एक्यूप्रेशर विज्ञान बहुत ही उपयोगी है। उन्होंने कहा कि योग अपनाने वाले व्यक्तियों को गंभीर बीमारी नहीं होती और उनमें आत्मविश्वास तथा बल की वृद्धि बनी रहती है।
जिला आयुष अधिकारी डॉ. सतपाल ने बताया कि किसी भी प्राणायाम का अभ्यास लगातार पांच से सात मिनट तक करने पर ही उसका शरीर के अंगों पर प्रभाव पड़ना शुरू होता है। योग करने वाला व्यक्ति दिनभर ताजगी और स्फूर्ति से भरा रहता है तथा मन की स्थिरता के कारण अपनी दिनचर्या के सभी व सही निर्णय लेने में सक्षम होता है। उन्होंने बताया कि आज पूरे विश्व ने योग के महत्व को मानकर इसे अपनाया हैै। योग के अत्यधिक महत्व के कारण ही अब यह विश्व स्तर पर मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि आयुष विभाग द्वारा योग के प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। जिला की 35 व्यायामशालाओं और सभी वेलनेस सैंटर पर प्रात: कालीन व सायंकालीन सत्रों में आमजन को योगाभ्यास करवाया जा रहा है। उन्होंने आह्वान किया कि 11वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह के राष्ट्र पर्व के रूप में मनाने के उद्देश्य से अधिक से अधिक लोग इस कार्यक्रम से जुड़ें। उन्होंने बताया कि 11 वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस आगामी 21 जून को योगा फॉर वन अर्थ, वन हेल्थ थीम पर करनाल की नई अनाज मंडी में आयोजित किया जाएगा।
योग प्रोटोकॉल प्रशिक्षण शिविर के अवसर पर आयुष विभाग से डॉ. अमित पुंज ने योग प्रोटोकॉल का अभ्यास करवाया। शिविर में योग शिक्षक डॉ. अमित पुंज व योग सहायक अनुराग और कुमारी गुंजन ने योग के सभी आसनों का अभ्यास करवाया और फिर कपालभाति तथा अनुलोम-विलोम करवाकर उसके लाभ भी बताए। उन्होंने कहा कि शरीर के 8 चक्र हैं, जिन पर सारा सिस्टम आधारित है। योग करने से सारी कोशिकाएं जागृत होने के साथ पुनर्जिवित भी हो जाती हैं, एक तरह से नाडिय़ों का शोभन होता है।
शिविर में अन्य सभी योग शिक्षकों ने वक्र आसन, मयूर आसन, ताड़ासन, अर्धचक्र आसन तथा पावस्थ आसन का अभ्यास करवाया। उन्होंने बताया कि आसनों से शरीर के घुटने, कमर, उदर, मासपेशियां व दिमाग स्वस्थ रहता है। इस मौके पर उन्होंनेे योग के साथ-साथ ध्यान पर भी जोर दिया और बताया कि सृष्टि रचियता भगवान सर्व शक्तिमान है। मनुष्य को नित शुद्ध कर्म करते हुए योग से जुड़े रहना चाहिए। इस अवसर पर आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. सतपाल ने योग प्रशिक्षण शिविर में शामिल हुए सभी अधिकारियों, कर्मचारियों व योग शिक्षकों का धन्यवाद किया।
इस मौके पर जिला करनाल रोडवेज के महाप्रबंधक कुलदीप सिंह, सचिव आरटीए विजय देसवाल, महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यक्रम अधिकारी सीमा प्रसाद, आयुष विभाग से करनाल ब्लॉक इंचार्ज डॉ. नितिन रोहिला, नरेश कुमार फार्मासिस्ट, डॉ. मनप्रीत, डॉ. अंजना, डॉ. चांद एवं समस्त करनाल के आयुष योग सहायक सहित सचिवालय के अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।

By Dr. Rajesh Wadhwa

778-779, Partap Colony, Railway Road, Near Rudra Cinema, Opp Chaat King India Row, Kurukshetra 136118 Mob. 9896352867, 9467040367

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *