करनाल, 13 जून। सिविल सर्जन डा0 पूनम चौधरी की अध्यक्षता में आज सिविल सर्जन कार्यालय में एचआईवी एड्स, एसटीआई तथा टी0बी0 की ट्रेनिंग का आयोजन किया गया, जिसमें जिला करनाल के सभी सी0एच0ओ0 को विस्तारपूर्वक  ट्रेनिंग  दी। इस कार्यक्रम में कुल 92 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में सिविल सर्जन डा0 पूनम चौधरी ने सभी प्रतिभागिया को एचआईवी एड्स से संबंधित जानकारी दी। उन्होंने एचआईवी एड्स के फैलने के कारण, लक्षण व रोकथाम के बारे में बताया। साथ ही इस बीमारी को लेकर जो भ्रांतियां समाज में फैली हुई हैं उन्हें भी दूर किया। उन्होंने गर्भवती महिलाओं के लिए एचआईवी व वीडीआरएल टैस्ट की आवश्यकता के बारे में बताया। साथ ही यह भी बताया कि यदि किसी को भी एचआईवी हो जाता है तो किन सावधानियों को बरतें व किस प्रकार अपना इलाज करवाएं।
उन्होंने बताया कि एचआईवी एड्स के टैस्ट पूरे हरियाणा में सभी आईसीटीसी केन्द्रों पर मुफत किये जाते हैं और एचआईवी एड्स से संक्रमित व्यक्तियों की सभी प्रकार की जांच व दवाइयां मुफत दी जाती हैं तथा उनकी सारी जानकारी गुप्त रखी जाती है। इसके बारे में भी खुलकर बात की। नवजात शिशु को संक्रमण से बचाने के लिए कौन सी दवाइयां देनी है। उसके बारे में भी बताया ताकि इस संक्रमण से बचा जा सके। इसके साथ ही एचआईवी एड्स एक्ट 2017 के बारे में भी जानकारी दी ताकि किसी भी प्रकार से संक्रमित व्यक्ति को उसके अधिकारों से उसे वंचित किया जाता है तो उस दशा में वे कौन से ठोस कदम उठा सकतें हैं। इसके अतिरिक्त उन्होने टी0बी0 के कारण, लक्षण व रोकथाम के बारे में भी जानकारी दी। उन्होने बच्चों को एचआईवी एड्स से ग्रसित व्यक्ति से भेदभाव न करने व उनके साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार करने के लिए कहा।
इस मौके पर उप सिविल सर्जन डॉ? सिम्मी कपूर ने अपील की कि एचआईवी एड्स की जानकारी सभी से सांझा करें  ताकि एचआईवी एड्स की जानकारी ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाई जा सके तथा एचआईवी के संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। इसके साथ ही एचआईवी एड्स एक्ट 2017  के बारे में भी जानकारी दी ताकि किसी भी प्रकार से संक्रमित व्यक्ति को उसके अधिकारों से उसे वंचित किया जाता है तो उस दशा में वे कौन से ठोस कदम उठा सकतें हैं। इसके अतिरिक्त उन्होने टी0बी0 के कारण, लक्षण व रोकथाम के बारे में भी जानकारी दी।
कार्यक्रम में डा0 उजिता द्वारा पीएलएचआईवी की बेसिक समस्याओं के निवारण करने के लिए सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों से अनुरोध किया गया कि आप अपने-अपने स्तर पर एक नोडल अधिकारी का चुनाव करें, ताकि इस पीएलएचआईवी व्यक्तियों की जो भी समस्याएं हैं उनका निवारण समय पर हो पाए । उन्होंने यह भी बताया की नोडल अधिकारी के चुनाव से इन लोगों पीएलएचआईवी की कोंफिडैंशियलिटी मेनटेन रहेगी और इन लोगों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव न हो पाए । इसके अतिरिक्त एचआईवी एड्स हैल्पलाइन टोल फ्री न0 1097 की जानकारी सभी विद्यार्थियों को दी गई तथा उन्हे यह भी बताया गया कि कोई भी व्यक्ति नजदीकी आईसीटीसीध् एफआईसीटीसी सैंटरर्स पर जाकर अपनी एचआईवी टैस्ंिटग व काउंसलिंग मुफत में करवा सकता है ।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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