वर्तमान में लड़कियां हर क्षेत्र में आगे : प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा
केयू जियोलॉजी विभाग की दो छात्राएं कुंदन गोल्ड माइंस प्राइवेट लिमिटेड में चयनित
कुवि कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा ने दी बधाई
कुरुक्षेत्र, 31 मार्च। 
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के जियोलॉजी विभाग की एमटेक अप्लाइड जियोलॉजी से मुस्कान एवं तनु शर्मा का कुंदन गोल्ड माइंस प्राइवेट लिमिटेड, दिल्ली में चयन हुआ है। इस अवसर पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा ने दोनों छात्राओं एवं विभागाध्यक्ष व केयू छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. एआर चौधरी को बधाई देते हुए कहा कि वर्तमान में लड़कियां हर क्षेत्र में आगे हैं। आईआईटी, आईआईएम और मेडिकल जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं में शीर्ष स्थान प्राप्त कर देश में प्रतिष्ठित पदों पर सुशोभित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि यह कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के लिए गर्व की बात है कि धरती से सोना निकालने का कार्य करने वाली प्रतिष्ठित कंपनी कुंदन ग्रुप में जियोलॉजी विभाग की छात्राओं का चयन हुआ है। कुवि कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा ने मुस्कान एवं तनु शर्मा को आशीर्वाद देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की।
इस अवसर पर विभागाध्यक्ष प्रो. एआर चौधरी ने भी दोनों छात्राओं को बधाई दी व बताया कि विभाग में 12वीं के बाद पांच वर्ष का एमटेक अप्लाइड जियोलॉजी व बीएससी के बाद दो वर्ष के लिए एमएससी अप्लाइड जियोलॉजी कोर्स संचालित है। उन्होंने बताया कि केयू जियोलॉजी विभाग के छात्र-छात्राओं का चयन हर वर्ष देश के प्रतिष्ठित सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थानों एवं प्रतिष्ठित कंपनियों में उच्च पदों पर होता है।
यूआईईटी संस्थान के दो विद्यार्थी इंटरनेशनल सोनालिका ट्रैक्टर कंपनी में चयनित
कुवि कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने दी बधाई
कुरुक्षेत्र, 29 मार्च।
 कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफ़ेसर सोमनाथ सचदेवा के कुशल नेतृत्व में यूआईईटी संस्थान में मकैनिकल विभाग के दो विद्यार्थियों का चयन इंटरनेशनल सोनालिका ट्रैक्टर प्राइवेट लिमिटेड में हुआ है। इस अवसर पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा ने चयनित विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि संस्थान के विद्यार्थियों का प्रतिष्ठित सोनालिका टै्रक्टर कम्पनी में चयन होना संस्थान एवं कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों में कौशलता एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए इंक्यूबेशन सेंटर, कुटिक सेंटर सहित रोजगार सृजन केन्द्र एवं प्रशिक्षण व प्लेसमेंट विभाग बनाए गए है।
इस अवसर पर केयू डीन इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, निदेशक प्रो. सुनील ढींगरा ने बताया कि इंटरनेशनल सोनालिका ट्रैक्टर प्राइवेट लिमिटेड में संस्थान के मैकेनिकल मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्रा ध्रुव बटला व हर्ष खन्नी का चयन संस्थान के ट्रेनिंग प्लेसमेंट विभाग की उत्तम कार्य प्रणाली को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि 18 फ़रवरी को आयोजित प्लेसमेंट ड्राइव में 25 विद्यार्थियों ने भाग लिया जिसमें 5 विद्यार्थियों को शॉर्टलिस्ट करते हुए साक्षात्कार के आधार पर दो छात्राओं का छह लाख के पैकेज के साथ चयन किया गया। इस अवसर पर इंटरनेशनल सोनालिका ट्रेक्टर के मानव संसाधन प्रमुख प्रेरिता प्रकाश ने कहा कि चयनित उम्मीदवारों को ग्रेजुएट ट्रेनी इंजीनियर पद पर छह महीने की ट्रेनिंग दी जाएगी और विद्यार्थियों की कौशल तकनीक को और अधिक प्रशिक्षित किया जाएगा।
इस अवसर पर संस्थान के प्लेसमेंट अधिकारी डॉ. निखिल कुमार मारीवाला, डॉ. संजीव आहुजा, डॉ. अजय जांगड़ा, डॉ. सुनील ढींगरा ने बताया कि आधिकारिक मेल से विद्यार्थियों के चयनित पत्र मिल गए हैं।
 
केयू शिक्षक डॉ. जितेन्द्र भारद्वाज का शोध अमेरिकी जर्नल में शीर्ष 10 सर्वाधिक उद्धृत लेखों में शामिल
कैडमियम के स्वास्थ्य पर होने वाले हानिकारक प्रभावों पर किया शोध
कुवि कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने दी बधाई
कुरुक्षेत्र, 31 मार्च।
 कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के जूलॉजी विभाग के शिक्षक डॉ. जितेन्द्र भारद्वाज द्वारा कैडमियम के स्वास्थ्य पर होने वाले हानिकारक प्रभावों पर किया गया शोध अमेरिकी जर्नल के शीर्ष 10 सर्वाधिक उद्धृत लेखों में शामिल किया गया है। कैडमियम आमतौर पर औद्योगिक, सिगरेट के धुएं, दूषित भोजन, पानी और कुछ उर्वरकों और कीटनाशकों में पाया जाता है। यह समय के साथ शरीर में जमा हो सकता है, खासकर गुर्दे और यकृत में, जिससे गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। कैडमियम विषाक्तता तब होती है जब शरीर अत्यधिक मात्रा में कैडमियम के संपर्क में आता है, जो एक भारी धातु है जो मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती है।
इस अवसर पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा ने डॉ. जितेन्द्र भारद्वाज को बधाई देते हुए कहा कि केयू गुणवत्ता एवं उत्कृष्ट शोध एवं अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा शोधकर्ताओं के लिए प्रोत्साहन, उत्कृष्ट योगदान की मान्यता, सुव्यवस्थित परियोजना अनुमोदन, पेटेंट-फाइलिंग समर्थन और इनक्यूबेशन, स्टार्टअप और नवाचार केंद्रों की स्थापना की गई है। इस अवसर पर विभागाध्यक्ष प्रो. अनीता भटनागर ने डॉ. जितेन्द्र भारद्वाज को इस उपलब्धि बधाई दी।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के प्राणीशास्त्र विभाग के डॉ. जितेन्द्र भारद्वाज ने बताया कि बढ़ते औद्योगीकरण और क्रांतिकारी कृषि क्षेत्रों के कारण पर्यावरण विषाक्त पदार्थों के दूषितकरण के स्तर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। आधुनिक कृषि पद्धतियां व्यापक श्रेणी के रासायनिक उर्वरकों, कीटनाशकों के व्यापक उपयोग से जुड़ी हैं, जबकि औद्योगिक क्षेत्र में विभिन्न कार्बनिक और अकार्बनिक रसायन, परमाणु ऊर्जा संयंत्रों में भारी धातुएं, अपशिष्ट निराकरण, पेंट और वस्त्र और अन्य सामग्री शामिल है। सीसा, कैडमियम, और पारा भारी धातुओं की मानव शरीर में कोई जैविक भूमिका नहीं है, फिर भी उनका संचय सामान्य शारीरिक कार्यों को बाधित करता है, जिससे हेपेटोटॉक्सिसिटी, नेफ्रोटॉक्सिसिटी, इम्यूनोटॉक्सिसिटी और प्रजनन संबंधी विकार होते हैं। उन्होंने बताया कि महिला प्रजनन क्षमता विशेष रूप से खतरे में है, विषाक्त पदार्थ पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) और समय से पहले डिम्बग्रंथि विफलता (पीओएफ) जैसी स्थितियों का कारण हैं, इसकी लंबी जैविक अर्धायु और धीमी उत्सर्जन के परिणामस्वरूप जैवसंचय होता है, जिससे गुर्दे, यकृत और प्रजनन प्रणाली जैसे महत्वपूर्ण अंगों को गंभीर क्षति होती है।
गौरतलब है कि प्रतिष्ठित शोधकर्ता डॉ. भारद्वाज के 70 से अधिक शोध पत्र प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए हैं, आठ पेटेंट प्राप्त हुए हैं। उन्हें कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं। उनके योगदान से वैश्विक स्तर पर वैज्ञानिक अनुसंधान में केयू की प्रतिष्ठा को गौरवान्वित किया है।
 
केयू एनएसएस यूटीडी इकाई तीन में स्वयंसेवकों को सौंपे नए दायित्व
कुरुक्षेत्र, 31 मार्च। 
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की एनएसएस यूटीडी इकाई तीन की बैठक सोमवार को कार्यक्रम अधिकारी डॉ निधि माथुर की अध्यक्षता में स्वयंसेवक कोऑर्डिनेटर दिव्या (एमए इकोनॉमिक्स), यूनिट हेडबॉय अर्जुन (इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन एंड मीडिया टेक्नोलॉजी), डिप्टी हेडबॉय विकास (एमए इकोनॉमिक्स), यूनिट हेड गर्ल सिमरन (एमए इकोनॉमिक्स) और डिप्टी हेड गर्ल सुजाता (एमए संस्कृत) को दायित्व सौंपे गए।
एनएसएस स्वयं सेवकों के चयन पर केयू डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रो. एआर चौधरी ने कहा एनएसएस का ध्येय सामुदायिक एवं समाज सेवा के माध्यम से युवाओं में चरित्र एवं व्यक्तित्व निर्माण करना है। इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी डॉ. निधि माथुर ने एनएसएस स्वयं सेवकों के कार्यों की सराहना एवं प्रशंसा करते हुए नए दायित्वों के लिए शुभकामनाएं दीं।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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