बुनियादी ढांचा के लिए 35 प्रतिशत अनुदान पर ऋण उपलब्ध
करनाल, 25 नवंबर। उपायुक्त उत्तम सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) बेरोजगार लोगों को स्वरोजगार से जोडऩे में लाभकारी साबित होती जा रही है। विभिन्न योजनाओं के तहत व्यक्तिगत तौर पर पुरुष, महिला, किसान उत्पादन संगठन, स्वयं सहायता समूह व सहकारी समिति ऋण योजनाओं का लाभ ले सकते हैं।
उपायुक्त ने बताया कि स्वयं सहायता समूह को मशीन की खरीद के लिए प्रत्येक सदस्य के हिसाब से 40 हजार रुपये की राशि प्रदान की जा रही है। बुनियादी ढांचा खड़ा करने के लिए 35 प्रतिशत अनुदान पर ऋण उपलब्ध करवाया जाता है। खाद्य उद्योग जैसे बेकरी, आटा मिल, सरसों तेल मिल, मसाले, मिठाई, जूस, पेठा, पापड़, फल, जैम, शहद, मशरूम, बिस्किट, केक, पिज़्जा, टमाटर सॉस, चिप्स, नमकीन, गजक, गुड़, आचार व मखाना आदि से संबंधित खाद्य पदार्थ को बनाने व उत्पादन की यूनिट लगाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से सूक्ष्म उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए एक करोड़ रुपए तक का ऋण दिया जाता है, जिसमें 35 प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किया जाता है। इससे संबंधित जानकारी के लिए एमएसएमई सेंटर से संपर्क किया जा सकता है।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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