अम्बाला, 10 अक्तूबर माइंड ट्री स्कूल छात्रों के सम्पूर्ण विकास की अवधारणा पर कार्य करता है। बच्चे नए-नए अनुभवों को महसूस करें इसलिए स्कूल उचित वातावरण निवृति पर बल देता है। इस प्रकार के अनुभवों की श्रृंखला में आज देश के विभिन्न राज्यों से आए वैविध्यपूर्ण कला शैली के चित्रकारों की प्रदर्शनी का उद्घाटन माइंड ट्री स्कूल (अम्बाला शहर) में प्रभाकर कोलते आर्ट गैलरी में सम्पन्न हुआ।
प्रदर्शनी का उद्घाटन आजादी की लडाई के शहीद स्मारक के निदेशक डा0 कुलदीप सैनी द्वारा किया गया। प्रदर्शनी में पद्म शांति देवी, उर्मिला देवी, मयंक सिंह श्याम, राहुल सिंह श्याम, संतोष मारावी, अविनाश कर्ण, श्रवण पासवान उपस्थित थे जिनकी कलाकृतियां प्रदर्शित की गई हंै। श्रीमती ज्वालादेवी जी, जो पद्म श्री शांति देवी जी से प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं, ने भी इस प्रदर्शनी में अपना योगदान दिया। चित्रों में कलाकारों ने अपने-अपने क्षेत्र के जन-जीवन, पौराणिक कहानियों, व्यक्तिगत कौशल एवं अनोखेपन की झलक प्रदर्शित की है। पद्म श्री शांतिदेवी जी ने मिथिला लोकगीत गाकर आगंतुकों को मंत्रमुग्ध किया। यही लोकगीत उनकी चित्रकला के पीछे की प्रेरणा हैं।
प्रदशित कलाकृतियों में सृष्टि का रहस्य एवं प्रकृति तथा जीवन के कलात्मक संवाद का आभास होता है। मिथिला आर्ट में पौराणिक विषयों के चित्रों में वनस्पति तथा मिट्टी के रंगों की आभा महसूस की जा सकती है। गोदना कलाकृतियों में महीन लकीरों तथा कल्पक रूपों को देखना अलग अनुभव देता है। सम्पूर्ण प्रदर्शनी को देखकर ऐसा लगता है मानो कलाकृतियाँ मनुष्य रूपी पेड़ पर लगे पुष्प हैं। प्रदर्शनी के क्यूरेटर मोहन शिंगणे हैं।
