अंबाला जिले में राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात को अधिक सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से नेशनल हाईवे-44 और नेशनल हाईवे-152 (अंबाला से कैथल) पर अपग्रेडेशन, रखरखाव और सडक़ सुरक्षा से संबंधित विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं। इन कार्यों के तहत सडक़ की गुणवत्ता में सुधार, बिटुमिनस कंक्रीट की परत बिछाने, सडक़ पर मार्किंग करने, वर्षा जल संचयन की व्यवस्था विकसित करने तथा सर्विस रोड के निर्माण और सुधार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इन प्रयासों का उद्देश्य वाहन चालकों को बेहतर यात्रा सुविधा उपलब्ध करवाने के साथ-साथ सडक़ दुर्घटनाओं की आशंका को कम करना और राजमार्गों के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाना है।
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया की पीडी आकृति गुप्ता ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर सडक़ उपयोगकर्ताओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विभिन्न सुधार कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। सडक़ की सतह को बेहतर बनाने के लिए बिटुमिनस कंक्रीट की परत बिछाने का कार्य किया जा रहा है। इससे सडक़ की गुणवत्ता में सुधार होने, वाहनों की आवाजाही अधिक आरामदायक बनने और सडक़ की उपयोगी अवधि बढ़ाने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही सडक़ पर मार्किंग का कार्य भी जारी है, जिससे वाहन चालकों को लेन की स्पष्ट जानकारी मिलेगी और विशेषकर रात के समय तथा कम दृश्यता की परिस्थितियों में वाहन चलाना अधिक सुरक्षित हो सकेगा।
उन्होंने बताया कि नेशनल हाईवे-152, जो अंबाला से कैथल तक यातायात संपर्क का महत्वपूर्ण मार्ग है, पर सडक़ के मौजूदा ढांचे को मजबूत बनाने और यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं। इसके अंतर्गत जरूरत के अनुसार सडक़ मार्ग को बेहतर बनाने, जंक्शनों और चौराहों पर यातायात व्यवस्था सुधारने, सर्विस रोड विकसित करने तथा पुलों, पुलियों और अन्य संरचनाओं के रखरखाव एवं उन्नयन पर ध्यान दिया जा रहा है। इस मार्ग पर कुल 15 संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है, जिनमें से 12 संरचनाएं यातायात के लिए खोली जा चुकी हैं, जबकि शेष कार्य मार्च 2027 तक पूरा किए जाने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि सर्विस रोड का निर्माण और सुधार स्थानीय यातायात तथा राष्ट्रीय राजमार्ग से होकर गुजरने वाले यातायात को बेहतर ढंग से व्यवस्थित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इससे स्थानीय निवासियों और आसपास के क्षेत्रों से आने-जाने वाले लोगों को सुविधा मिलेगी तथा मुख्य राजमार्ग पर अनावश्यक यातायात दबाव कम करने में मदद मिलेगी। इसके अतिरिक्त, जंक्शनों और चौराहों पर आवश्यक सुधार, सडक़ संकेतक, डेलीनेटर, गाइडपोस्ट तथा अन्य सुरक्षा उपायों के माध्यम से यातायात को अधिक व्यवस्थित बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
नेशनल हाईवे-44 पर भी सडक़ की गुणवत्ता और यातायात सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए अपग्रेडेशन तथा रखरखाव के कार्य किए जा रहे हैं। पानीपत-जालंधर खंड पर बड़े और छोटे पुलों तथा रेलवे ओवरब्रिज जैसी संरचनाओं के निर्माण एवं चौड़ीकरण के कार्यों के साथ सडक़ की सतह को दुरुस्त करने और क्चष्ट की परत बिछाने पर काम किया जा रहा है। अंबाला छावनी की शास्त्री कॉलोनी में किलोमीटर 198.300 पर वाहन अंडरपास का निर्माण किया गया है, जिसमें स्थानीय यातायात की सुविधा के लिए अतिरिक्त रैंप भी शामिल हैं। इससे स्थानीय और गुजरने वाले यातायात की आवाजाही को बेहतर ढंग से संचालित करने में सहायता मिलती है।
उन्होंने बताया कि राजमार्गों के विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण और जल प्रबंधन को भी महत्व दिया जा रहा है। इसी दिशा में वर्षा जल संचयन (रेन वॉटर हार्वेस्टिंग) संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है, ताकि बारिश के पानी को एकत्रित कर उसका उचित प्रबंधन किया जा सके और भूजल स्तर को बढ़ाने में मदद मिले। वर्षा जल संचयन की व्यवस्था जल संरक्षण को बढ़ावा देने के साथ-साथ राजमार्ग के आसपास जल निकासी और जल प्रबंधन को अधिक टिकाऊ बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है।
पीडी आकृति गुप्ता ने बताया कि सडक़ सुरक्षा के लिए संवेदनशील स्थानों पर कै्रश बैरियर, सुरक्षात्मक पैरापेट, सडक़ संकेतक और अन्य आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, जहां जरूरत है, वहां राजमार्ग की लाइटिंग में सुधार, अनधिकृत कटों को नियंत्रित करने, यातायात को उचित दिशा देने और दृश्यता बढ़ाने के उपाय किए जा रहे हैं। सडक़ के बीच और किनारों पर पौधारोपण तथा अन्य सौंदर्यीकरण संबंधी प्रयासों से राजमार्ग को अधिक आकर्षक और पर्यावरण के अनुकूल बनाने में भी मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि अंबाला रिंग रोड के माध्यम से शहर के भीतर यातायात का दबाव कम करने और वाहनों की आवाजाही को अधिक व्यवस्थित बनाने में भी सहायता मिलने की उम्मीद है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर बेहतर सडक़ सतह, स्पष्ट मार्किंग, सुरक्षित जंक्शन, सर्विस रोड और प्रभावी यातायात प्रबंधन से स्थानीय नागरिकों, दैनिक यात्रियों, व्यावसायिक वाहनों तथा लंबी दूरी की यात्रा करने वाले लोगों को लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों का विकास केवल सडक़ निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सुरक्षित यातायात, बेहतर रखरखाव, जल संरक्षण, पर्यावरणीय स्थिरता और यात्रियों की सुविधा को भी समान महत्व दिया जा रहा है। इन कार्यों के माध्यम से अंबाला जिले में राष्ट्रीय राजमार्गों को अधिक सुरक्षित, आधुनिक और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
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अम्बाला, 18 अक्तूबर।
जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक जितेश गोयल ने बताया कि जिला अम्बाला में धान खरीद कार्यो से सम्बधिंत सभी मंडियों में कार्य सुचारू रूप जारी हैं। सभी सम्बधिंत 15 मंडियों में लिफ्ंिटग का कार्य भी बेहतर तरीके से किया जा रहा हैं।
जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक ने जारी देते हुए बताया कि 17 अक्तूबर शाम 5 बजे तक जिला अम्बाला की मंडियों में धान की 302545.09 मिट्रिक टन आवक आ चुकी हैं। जिसमें से विभिन्न एजेन्सियों द्वारा 263024 मिट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी हैं। अब तक कुल 154906 मिट्रिक टन धान की लिफ्ंिटग हो चुकी हैं। उन्होंने यह भी बताया कि खाद्य आपूर्ति विभाग एवं एजेन्सियों द्वारा 178808 मिट्रिक टन धान की खरीद की गई है, हैफेड द्वारा 84216 मिट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी हैं। उन्होनें बताया कि सभी मंडियों में लिफ्ंिटग का कार्य बेहतर तरीके से किया जा रहा है।
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जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गगनदीप सिंह ने बताया कि जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक 22 अक्तूबर 2026 को प्रात: 10 बजे पंचायत भवन अम्बाला शहर में आयोजित होगी। उन्होंने बताया कि दिशा कमेटी की बैठक अम्बाला लोकसभा सांसद एवं दिशा कमेटी के अध्यक्ष वरूण चौधरी, राज्यसभा सांसद एवं सह अध्यक्ष कार्तिकेय शर्मा की अध्यक्षता में होगी। इस बैठक में निश्चित तिथि, समय व स्थान पर सभी विभागाध्यक्ष बैठक में स्वयं उपस्थित रहें।
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अम्बाला, 18 अक्तूबर।
जिला खाद्य एवं पूर्ति नियन्त्रक अम्बाला जितेश गोयल द्वारा जारी एक पे्रस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि जिला अम्बाला के गरीब एंव पात्र परिवारों को राशन प्राप्त करने हेतु उचित मूल्य की दुकानो (राशन डिपुओ) तक पहुँचने में होने वाली कठिनाईयों, विशेषकर मौजूदा राशन डिपुओ से दूर स्थित क्षेत्रो में रहने वाले परिवारों की समस्याओ के समाधान, युवाओ के लिए स्वरोजगार के अवसर सृजित करने तथा महिलाओ के सशक्तिकरण के उदेश्य से खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा राज्य में 2651 रिक्त उचित मूल्य की दुकानों के लिए डिपो लाइसेंस जारी करने हेतु ऑनलाईन आवेदन आमंत्रित करने के लिए 10 अक्तूबर 2026 को पोर्टल का शुभारंभ कर दिया गया है। उक्त लाइसेंसो के आवंटन में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। उचित मूल्य की दुकानों के ऑनलाईन आवेदन हेतु अंतिम तिथि 10 नवम्बर, 2026 निश्चित है।
इच्छुक एंव पात्र आवेदक हरियाणा अंत्योदय सरल पोर्टल के माध्यम से ऑनलाईन आवेदन कर सकते है। इस पहल का उद्देश्य सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीओएस) के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को आवश्यक खाद्यान्नों की सुलभ उपलब्धता सुनिश्चित करना, पात्र आवेदको के लिए आजीविका एंव स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाना तथा जमीनी स्तर पर सार्वजनिक सेवाओं की वितरण प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाना है।
ऑनलाईन आवेदन करने हेतु विस्तृत दिशा-निर्देश, आवेदन संबंधी निर्देश एंव पात्रता शर्ते खादय नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, हरियाणा की आधिकारिक वेबसाइट पर https://harvanafood.gov.in
आवेदकों की सुविधा के लिए रिक्त उचित मूल्य की दुकानो का जिलावार एंव ग्गप्रमवार वितरण भी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट तथा संबंधित जिला प्रशासन की वेबसाइटों पर अपलोड किया गया है, ताकि इच्छुक आवेदक उपलब्ध रिक्तियों की जानकारी प्राप्त करके अतिंम तिथि 10 नवम्बर 2026 तक आवेदन कर सके।
सभी इच्छुक एवं पात्र आवेदकों को सलाह दी जाती है कि वे सरल पोर्टल के माध्यम से ऑनलाईन आवेदन करने से पूर्व निर्धारित दिशा-निर्देशों एवं पात्रता शर्तों का भली भाँति अध्ययन कर ले। विभाग द्वारा सभी पात्र आवेदकों, विशेषकर युवाओ एंव महिलाओं से अपील की जाती है कि वे इस अवसर का लाभ उठाएँ तथा राज्य से सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने में अपना योगदान दे।
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3 दिन जिले भर के बच्चों की कला से सजेगा अम्बाला छावनी का लघु बाल भवन
21 से 23 अक्तूबर तक आयोजित होंगी जिला स्तरीय बाल प्रतियोगिताएं, बच्चों में दिख रहा भारी उत्साह: विश्वास मलिक
अम्बाला, 18 अक्टूबर
जिला बाल कल्याण परिषद अम्बाला द्वारा 21 से 23 अक्तूबर तक बाल महोत्सव के तहत तीन दिवसीय जिला स्तरीय बाल प्रतियोगिताओं का भव्य आयोजन किया जा रहा है। प्रतियोगिताओं को लेकर जिले भर के स्कूली बच्चों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है और विभिन्न विद्यालयों में छात्र-छात्राएं अपनी कला व प्रतिभा को निखारने के लिए जी-जान से अभ्यास में जुटे हैं।
यह आयोजन उपायुक्त सचिन गुप्ता तथा नोडल अधिकारी एवं एसडीएम आईएएस कनिका गोयल के मार्गदर्शन में संपन्न कराया जा रहा है। जिला बाल कल्याण अधिकारी विश्वास मलिक के नेतृत्व में छावनी स्थित लघु बाल भवन, रूकमणी देवी हॉल एवं स्काउट एंड गाइड परिसरों में नगर परिषद के सहयोग से तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
परिषद के वरिष्ठ आजीवन सदस्य राकेश मक्कड़ ने बताया कि बाल कल्याण परिषद का मुख्य उद्देश्य बच्चों का सर्वांगीण विकास करना है। ऐसे मंच बच्चों में सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करते हैं और उन्हें जीवन में आगे बढऩे के लिए प्रेरित करते हैं। आधुनिक दौर में बच्चों की छिपी प्रतिभा को उजागर करने के लिए बाल भवन एक सशक्त मंच साबित हो रहा है।
जिला बाल कल्याण अधिकारी विश्वास मलिक ने जानकारी दी कि इन वार्षिक प्रतियोगिताओं के अलावा बाल भवन में नियमित रूप से स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इनमें कंप्यूटर प्रशिक्षण, सिलाई-कढ़ाई, ब्यूटी पार्लर कोर्स, डांस, संगीत और ड्राइंग-पेंटिंग की कार्यशालाएं शामिल हैं। इसके साथ ही ओपन शेल्टर होम और झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्र के वंचित बच्चों को औपचारिक शिक्षा देकर समाज की मुख्य धारा से जोडऩे के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने सहयोगी संस्थाओं, आजीवन सदस्यों व समाजसेवियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इस महोत्सव में भी बढ़-चढक़र सहयोग करने का आह्वान किया।
वेबसाइट पर पंजीकरण अनिवार्य, हर प्रतिभागी को मिलेगा प्रमाण-पत्र
जिला बाल कल्याण अधिकारी ने जिले के सभी सरकारी व निजी स्कूलों के प्रधानाचार्यों, प्रबंधकों तथा अभिभावकों से अपील की है कि प्रतियोगिताओं में भाग लेने से पहले विद्यार्थियों का पंजीकरण बाल भवन की आधिकारिक वेबसाइट www.ambalabalbhawan.com पर अवश्य सुनिश्चित करें। इस वर्ष प्रत्येक प्रतिभागी को सहभागिता प्रमाण-पत्र दिया जाएगा। प्रतिभागी और विजेता दोनों ही अपने प्रमाण-पत्र इसी वेबसाइट से सीधे डाउनलोड कर सकेंगे।
