सडक़ की गुणवत्ता सुधारने, वर्षा जल संचयन, सर्विस रोड और सडक़ सुरक्षा उपायों पर विशेष ध्यान: पीडी आकृति गुप्ता
अंबाला, 17 अक्टूबर

अंबाला जिले में राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात को अधिक सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से नेशनल हाईवे-44 और नेशनल हाईवे-152 (अंबाला से कैथल) पर अपग्रेडेशन, रखरखाव और सडक़ सुरक्षा से संबंधित विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं। इन कार्यों के तहत सडक़ की गुणवत्ता में सुधार, बिटुमिनस कंक्रीट की परत बिछाने, सडक़ पर मार्किंग करने, वर्षा जल संचयन की व्यवस्था विकसित करने तथा सर्विस रोड के निर्माण और सुधार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इन प्रयासों का उद्देश्य वाहन चालकों को बेहतर यात्रा सुविधा उपलब्ध करवाने के साथ-साथ सडक़ दुर्घटनाओं की आशंका को कम करना और राजमार्गों के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाना है।
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया की पीडी आकृति गुप्ता ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर सडक़ उपयोगकर्ताओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विभिन्न सुधार कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। सडक़ की सतह को बेहतर बनाने के लिए बिटुमिनस कंक्रीट की परत बिछाने का कार्य किया जा रहा है। इससे सडक़ की गुणवत्ता में सुधार होने, वाहनों की आवाजाही अधिक आरामदायक बनने और सडक़ की उपयोगी अवधि बढ़ाने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही सडक़ पर मार्किंग का कार्य भी जारी है, जिससे वाहन चालकों को लेन की स्पष्ट जानकारी मिलेगी और विशेषकर रात के समय तथा कम दृश्यता की परिस्थितियों में वाहन चलाना अधिक सुरक्षित हो सकेगा।
उन्होंने बताया कि नेशनल हाईवे-152, जो अंबाला से कैथल तक यातायात संपर्क का महत्वपूर्ण मार्ग है, पर सडक़ के मौजूदा ढांचे को मजबूत बनाने और यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं। इसके अंतर्गत जरूरत के अनुसार सडक़ मार्ग को बेहतर बनाने, जंक्शनों और चौराहों पर यातायात व्यवस्था सुधारने, सर्विस रोड विकसित करने तथा पुलों, पुलियों और अन्य संरचनाओं के रखरखाव एवं उन्नयन पर ध्यान दिया जा रहा है। इस मार्ग पर कुल 15 संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है, जिनमें से 12 संरचनाएं यातायात के लिए खोली जा चुकी हैं, जबकि शेष कार्य मार्च 2027 तक पूरा किए जाने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि सर्विस रोड का निर्माण और सुधार स्थानीय यातायात तथा राष्ट्रीय राजमार्ग से होकर गुजरने वाले यातायात को बेहतर ढंग से व्यवस्थित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इससे स्थानीय निवासियों और आसपास के क्षेत्रों से आने-जाने वाले लोगों को सुविधा मिलेगी तथा मुख्य राजमार्ग पर अनावश्यक यातायात दबाव कम करने में मदद मिलेगी। इसके अतिरिक्त, जंक्शनों और चौराहों पर आवश्यक सुधार, सडक़ संकेतक, डेलीनेटर, गाइडपोस्ट तथा अन्य सुरक्षा उपायों के माध्यम से यातायात को अधिक व्यवस्थित बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
नेशनल हाईवे-44 पर भी सडक़ की गुणवत्ता और यातायात सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए अपग्रेडेशन तथा रखरखाव के कार्य किए जा रहे हैं। पानीपत-जालंधर खंड पर बड़े और छोटे पुलों तथा रेलवे ओवरब्रिज जैसी संरचनाओं के निर्माण एवं चौड़ीकरण के कार्यों के साथ सडक़ की सतह को दुरुस्त करने और क्चष्ट की परत बिछाने पर काम किया जा रहा है। अंबाला छावनी की शास्त्री कॉलोनी में किलोमीटर 198.300 पर वाहन अंडरपास का निर्माण किया गया है, जिसमें स्थानीय यातायात की सुविधा के लिए अतिरिक्त रैंप भी शामिल हैं। इससे स्थानीय और गुजरने वाले यातायात की आवाजाही को बेहतर ढंग से संचालित करने में सहायता मिलती है।
उन्होंने बताया कि राजमार्गों के विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण और जल प्रबंधन को भी महत्व दिया जा रहा है। इसी दिशा में वर्षा जल संचयन (रेन वॉटर हार्वेस्टिंग) संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है, ताकि बारिश के पानी को एकत्रित कर उसका उचित प्रबंधन किया जा सके और भूजल स्तर को बढ़ाने में मदद मिले। वर्षा जल संचयन की व्यवस्था जल संरक्षण को बढ़ावा देने के साथ-साथ राजमार्ग के आसपास जल निकासी और जल प्रबंधन को अधिक टिकाऊ बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है।
पीडी आकृति गुप्ता ने बताया कि सडक़ सुरक्षा के लिए संवेदनशील स्थानों पर कै्रश बैरियर, सुरक्षात्मक पैरापेट, सडक़ संकेतक और अन्य आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, जहां जरूरत है, वहां राजमार्ग की लाइटिंग में सुधार, अनधिकृत कटों को नियंत्रित करने, यातायात को उचित दिशा देने और दृश्यता बढ़ाने के उपाय किए जा रहे हैं। सडक़ के बीच और किनारों पर पौधारोपण तथा अन्य सौंदर्यीकरण संबंधी प्रयासों से राजमार्ग को अधिक आकर्षक और पर्यावरण के अनुकूल बनाने में भी मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि अंबाला रिंग रोड के माध्यम से शहर के भीतर यातायात का दबाव कम करने और वाहनों की आवाजाही को अधिक व्यवस्थित बनाने में भी सहायता मिलने की उम्मीद है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर बेहतर सडक़ सतह, स्पष्ट मार्किंग, सुरक्षित जंक्शन, सर्विस रोड और प्रभावी यातायात प्रबंधन से स्थानीय नागरिकों, दैनिक यात्रियों, व्यावसायिक वाहनों तथा लंबी दूरी की यात्रा करने वाले लोगों को लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों का विकास केवल सडक़ निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सुरक्षित यातायात, बेहतर रखरखाव, जल संरक्षण, पर्यावरणीय स्थिरता और यात्रियों की सुविधा को भी समान महत्व दिया जा रहा है। इन कार्यों के माध्यम से अंबाला जिले में राष्ट्रीय राजमार्गों को अधिक सुरक्षित, आधुनिक और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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