करनाल 17 अक्टूबर, नगर निगम करनाल ने शहर में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने, पर्यावरण संरक्षण और वैज्ञानिक तरीके से कचरे के निस्तारण को सुनिश्चित करने के लिए ठोस कचरा प्रबंधन नियम-2026 लागू कर दिए हैं। निगमायुक्त सलोनी शर्मा ने शहरवासियों से अपील की है कि वे इन नियमों का पालन करते हुए स्वच्छ एवं स्वस्थ करनाल के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वच्छता बनाए रखना केवल नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व भी है।
उन्होंने कहा कि घरों, दुकानों, प्रतिष्ठानों और अन्य संस्थानों से निकलने वाले कचरे का उचित प्रबंधन आवश्यक है। इसके लिए कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में छांटकर निर्धारित व्यवस्था के अनुसार नगर निगम के अधिकृत कचरा संग्रहण वाहनों को ही सौंपा जाए। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार जुर्माना लगाने सहित आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
चार अलग-अलग डस्टबिन में रखना होगा कचरा।
निगमायुक्त ने बताया कि ठोस कचरा प्रबंधन नियम-2026 के तहत प्रत्येक घर एवं प्रतिष्ठान में कचरे का पृथक्करण अनिवार्य है। इसके लिए चार श्रेणियों में कचरा अलग-अलग रखना होगा।
1. हरा डस्टबिन – गीला कचरा: रसोई से निकलने वाला बचा हुआ भोजन, चायपत्ती, सब्जियों एवं फलों के छिलके, खराब फल-फूल, पत्तियां और बगीचे का कचरा।
2. नीला डस्टबिन – सूखा कचरा: प्लास्टिक की बोतलें, डिब्बे व थैलियां, कागज, अखबार, किताबें, कांच की बोतलें, साफ जार, धातु के डिब्बे और एल्युमिनियम फॉयल आदि।
3. लाल डस्टबिन – सैनिटरी कचरा: इस्तेमाल किए गए डायपर, सैनिटरी नैपकिन, पैड, टिश्यू पेपर, पट्टियां और बैंडेज आदि।
4. काला डस्टबिन – खतरनाक घरेलू कचरा: इस्तेमाल की जा चुकी दवाइयां, इंजेक्शन, खराब बल्ब व ट्यूबलाइट, सीएफएल, पुरानी बैटरियां, इलेक्ट्रॉनिक कचरा (ई-वेस्ट), कीटनाशक तरल पदार्थों की खाली बोतलें तथा पेंट और थिनर के डिब्बे आदि।
उन्होंने कहा कि कचरे को स्रोत पर ही अलग-अलग करने से उसके उचित निस्तारण, पुनर्चक्रण और पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी।
डोर-टू-डोर कलेक्शन के लिए अधिकृत वाहनों को ही सौंपें कचरा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शहरवासी अपना कचरा केवल नगर निगम करनाल के अधिकृत कचरा संग्रहण वाहनों एवं कर्मचारियों को ही सौंपें। कचरे को निर्धारित संग्रहण व्यवस्था के माध्यम से उठवाना सुनिश्चित करें, ताकि सड़कों, गलियों और सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी न फैले।
खुले में कचरा फेंकने और जलाने पर सख्त प्रतिबंध।
सार्वजनिक स्थानों, खाली प्लॉटों, सड़कों, गलियों और नालियों में कचरा फेंकना तथा खुले में कचरा जलाना प्रतिबंधित है। निगमायुक्त ने नागरिकों से अपील की कि वे कचरे का जिम्मेदारीपूर्वक निस्तारण करें और अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखें। खुले में कचरा जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है, जबकि नालियों में कचरा डालने से जल निकासी बाधित होती है और जलभराव की समस्या उत्पन्न हो सकती है।
सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग न करें।
निगमायुक्त ने दुकानदारों, रेहड़ी-फड़ी संचालकों और आम नागरिकों से सिंगल यूज प्लास्टिक की बिक्री एवं उपयोग से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक के स्थान पर पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाएं और स्वच्छता संबंधी नियमों का पालन करें।
नियमों का उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई।
निगमायुक्त ने कहा कि ठोस कचरा प्रबंधन नियम-2026 की पालना सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार जुर्माना लगाया जाएगा तथा आवश्यकतानुसार दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।
