अधिकारी समस्या की वास्तविक स्थिति का आंकलन कर निकालें स्थायी समाधान- महापौर।
स्वच्छता व कचरा पृथक्करण में जनभागीदारी का किया आह्वान।
करनाल 16 अक्तूबर, नागरिकों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से महापौर रेणु बाला गुप्ता ने शुक्रवार को नगर निगम कार्यालय में जन सुनवाई का आयोजन किया। जन सुनवाई में शहर के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों ने अपनी समस्याएं महापौर के समक्ष रखीं। महापौर ने प्रत्येक शिकायत को गंभीरतापूर्वक सुना और संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करते हुए शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जन सुनवाई के दौरान नागरिकों ने मुख्य रूप से सडक़ों एवं गलियों के मरम्मत कार्य, स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त करने, सीवरेज व्यवस्था के अतिरिक्त अन्य जनसुविधाओं से संबंधित शिकायतें रखीं। महापौर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध समाधान किया जाए, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे संबंधित क्षेत्रों का स्वयं फील्ड निरीक्षण करें, समस्याओं की वास्तविक स्थिति का आकलन करें तथा निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूर्ण कर इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी संबंधित शाखाओं के अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि किसी भी नागरिक की शिकायत अनावश्यक रूप से लंबित न रहे।
महापौर ने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य केवल शिकायतें सुनना ही नहीं, बल्कि उनका प्रभावी एवं स्थायी समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नागरिकों की शिकायतों का संवेदनशीलता एवं जिम्मेदारी के साथ निस्तारण किया जाए, जिससे लोगों का विश्वास और अधिक मजबूत हो।
स्वच्छता नागरिकों की भागीदारी से ही संभव।
जन सुनवाई के दौरान महापौर ने शहर की स्वच्छता पर विशेष बल देते हुए कहा कि स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ करनाल का निर्माण केवल नगर निगम के प्रयासों से नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी से ही संभव है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपने घरों से निकलने वाले गीले एवं सूखे कचरे का पृथक्करण अवश्य करें तथा नगर निगम के कूड़ा संग्रहण वाहन में गीला व सूखा कचरा अलग-अलग ही दें, ताकि उसका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जा सके।
उन्होंने नागरिकों से सिंगल यूज़ प्लास्टिक का उपयोग पूरी तरह से बंद करने का भी आह्वान किया और कहा कि प्लास्टिक प्रदूषण पर्यावरण एवं मानव स्वास्थ्य दोनों के लिए गंभीर चुनौती है। यदि प्रत्येक नागरिक इस दिशा में अपनी जिम्मेदारी निभाए तो स्वच्छ एवं प्रदूषण मुक्त शहर का लक्ष्य आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।
उन्होंने विशेष रूप से अपील की कि शहर को साफ-सुथरा बनाए रखने के लिए कोई भी व्यक्ति निर्माण एवं विध्वंस (सी. एंड डी.) वेस्ट तथा बागवानी से निकलने वाले कचरे को सडक़ों, खाली प्लॉटों व सार्वजनिक स्थानों पर न डालें। ऐसे अपशिष्टों का निर्धारित स्थानों पर ही निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर सी. एंड डी. वेस्ट एवं बागवानी कचरा फेंकने से न केवल शहर की सुंदरता प्रभावित होती है, बल्कि जल निकासी व्यवस्था भी बाधित होती है और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
