एक लाख से अधिक के बकायादारों पर होगी कार्रवाई, सीलिंग की तैयारी करें अधिकारी।
मेकर व चेकर को सख्त हिदायत, जिम्मेदारी व पूरी निष्ठïा से करें कार्य।
करनाल 14 अक्टूबर, जिला नगर आयुक्त एवं नगर निगम आयुक्त सलोनी शर्मा ने बुधवार को नगर निगम तथा जिले की नगर पालिकाओं के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की बैठक लेकर लाल डोरा सम्पत्ति प्रमाण पत्र वितरण, स्व-प्रमाणीकरण, सम्पत्ति कर वसूली, आपत्तियों के समयबद्ध निस्तारण और बड़े बकायादारों से वसूली सहित विभिन्न महत्वपूर्ण बिन्दुओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य योजना तैयार कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
लाल डोरा सम्पत्ति प्रमाण पत्र वितरण में धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी।
जिला नगर आयुक्त ने लाल डोरा सम्पत्ति प्रमाण पत्र वितरण कार्य की समीक्षा करते हुए बताया कि नगर निगम क्षेत्र में कुल 16,504 सम्पत्तियों में से अभी तक केवल 2,291 सम्पत्ति प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं, जबकि 7,340 सम्पत्तियां स्व-प्रमाणित हो चुकी हैं। कार्य की धीमी प्रगति पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधार करने और प्रमाण पत्र वितरण के कार्य में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए।
उन्होंने नगर पालिका सचिवों से भी इस संबंध में रिपोर्ट लेते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस कार्य में वार्ड पार्षदों और वार्ड समितियों का सहयोग लिया जाए, ताकि पात्र नागरिकों तक योजना का लाभ पहुंचाया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्य की प्रगति में सबसे पीछे रहने वाली नगर पालिका के अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
स्व-प्रमाणीकरण के लिए कॉलोनियों में लगाए जाएं शिविर।
स्व-प्रमाणीकरण की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि कुल 1,73,695 प्रॉपर्टी आई.डी. में से 73,148 का स्व-प्रमाणीकरण किया जा चुका है। जिला नगर आयुक्त ने इस कार्य को गति देने के निर्देश देते हुए कहा कि वार्डों के साथ-साथ कॉलोनियों में भी शिविर लगाए जाएं, ताकि अधिक से अधिक सम्पत्तियों का स्व-प्रमाणीकरण सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने निर्देश दिए कि कोई भी सरकारी विभाग स्व-प्रमाणीकरण से वंचित नहीं रहना चाहिए। नगर पालिका सचिवों को भी इस कार्य की नियमित निगरानी करने और प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
सम्पत्ति कर शाखा के कर्मचारियों को दिया जाए पुन: प्रशिक्षण।
सम्पत्ति कर शाखा की कार्यप्रणाली में सुधार लाने के उद्देश्य से जिला नगर आयुक्त ने कर अधीक्षक को कर्मचारियों के लिए पुन: प्रशिक्षण सत्र आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान सरकार द्वारा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) की विस्तृत जानकारी दी जाए। नगर पालिकाओं के कर्मचारियों को भी इस प्रशिक्षण में शामिल किया जाए, ताकि सभी स्तरों पर कार्यप्रणाली में एकरूपता लाई जा सके और नागरिकों को बेहतर सेवाएं मिलें।
आपत्तियों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें अधिकारी।
प्रॉपर्टी आईडी से संबंधित आपत्तियों के निस्तारण पर जोर देते हुए जिला नगर आयुक्त ने कहा कि बिना किसी उचित कारण के आपत्तियों को दोबारा नागरिकों के पास न भेजा जाए। यदि किसी मामले में दस्तावेजों की कमी है, तो संबंधित नागरिक को एक ही बार में सभी आवश्यक दस्तावेजों की स्पष्ट जानकारी दी जाए, ताकि उसे बार-बार कार्यालय के चक्कर न काटने पड़ें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी आपत्ति राइट टू सर्विस एक्ट के निर्धारित समय से बाहर नहीं जानी चाहिए। संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी आपत्तियों का नियमानुसार और समयबद्ध तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करें।
नगर निगम करनाल ने चालू वित्त वर्ष में वसूला 26.03 करोड़ रुपये सम्पत्ति कर।
सम्पत्ति कर वसूली की समीक्षा के दौरान बताया गया कि नगर निगम करनाल ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 में अब तक 26 करोड़ 3 लाख रुपये का सम्पत्ति कर वसूल किया है। वहीं, जिले की विभिन्न नगर पालिकाओं द्वारा की गई वसूली का विवरण इस प्रकार है-
घरौंडा नगर पालिका- 90 लाख रुपये
असंध नगर पालिका- 30 लाख रुपये
इंद्री नगर पालिका- 39 लाख रुपये
तरावड़ी नगर पालिका- 72 लाख रुपये
नीलोखेड़ी नगर पालिका- 90 लाख रुपये
निसिंग नगर पालिका- 45 लाख रुपये
एक लाख से ऊपर के बकायादारों पर करें कार्रवाई।
जिला नगर आयुक्त ने एक लाख रुपये से अधिक के सभी बड़े बकायादारों से सम्पत्ति कर की वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बकायादारों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं, इसलिए अब बकाया राशि जमा न करवाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सीलिंग की कार्रवाई के लिए ठोस कार्य योजना तैयार की जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि बार-बार बातचीत करने और नोटिस जारी करने के बावजूद यदि केंद्र या राज्य सरकार का कोई कार्यालय भी सम्पत्ति कर जमा नहीं करवाता है, तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार सीलिंग की कार्रवाई की जाए। उन्होंने बताया कि इस संबंध में मुख्यालय की ओर से स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। नगर पालिका सचिवों को भी अपने-अपने क्षेत्र में बड़े बकायादारों से वसूली के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
असंध नगर पालिका के सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश।
सम्पत्ति कर वसूली के मामले में असंध नगर पालिका की प्रगति और कार्यप्रणाली पर असंतोष जताते हुए जिला नगर आयुक्त ने संबंधित सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी अधिकारियों को राजस्व वसूली के निर्धारित लक्ष्यों को गंभीरता से लेने और नियमित समीक्षा करने के लिए कहा।
नागरिकों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें।
बैठक के अंत में जिला नगर आयुक्त ने मेकर एवं चेकर कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी, जिम्मेदारी और पूरी निष्ठा के साथ करें। किसी भी नागरिक को एक ही कार्य के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें। उन्होंने कहा कि आमजन के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए और उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी कर्मचारी के विरुद्ध शिकायत मिलने पर उसकी जांच कर नियमानुसार कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। सभी अधिकारी एवं कर्मचारी जनहित को सर्वोपरि रखते हुए पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करें।
बैठक में उप निगम आयुक्त विनोद नेहरा, कर अधीक्षक मनोज मान, सहायक जितेन्द्र मलिक, नगर पालिका सचिव तथा नगर निगम एवं नगर पालिकाओं के मेकर व चेकर कर्मचारी उपस्थित रहे।
