शिक्षा का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि बच्चों का सर्वांगीण विकास: रामदेव
वेद विद्या गुरुकुलम में नवनिर्मित छात्रावास का उद्घाटन, हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण तथा योग गुरु स्वामी रामदेव ने बतौर मुख्य अतिथि तथा इंद्री के विधायक एवं गवर्नमेंट चीफ  व्हिप रामकुमार कश्यप ने बतौर वरिष्ठ अतिथि की शिरकत
करनाल, 23 अगस्त।  वेद विद्या गुरुकुलम, गांव नलवी खुर्द में आज नवनिर्मित छात्रावास के प्रथम एवं द्वितीय तल के उद्घाटन समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण तथा योग गुरु स्वामी रामदेव ने बतौर मुख्य अतिथि तथा इंद्री के विधायक एवं गवर्नमेंट चीफ व्हिप रामकुमार कश्यप ने वरिष्ठ अतिथि के रूप में शिरकत कर नवनिर्मित छात्रावास का विधिवत उद्घाटन एवं अवलोकन किया।
इस अवसर पर हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि जहां व्यक्ति निर्माण का कार्य होता है, वहीं से राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव तैयार होती है। गुरुकुल और इस प्रकार की शिक्षण संस्थाएं बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार, अनुशासन, परिश्रम और संस्कृति से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि युवा देश के विकास,मजबूती और समाज की बेहतरी का आधार हैं। युवा जितने संस्कारवान, परिश्रमी और संस्कृति से जुड़े होंगे, वे उतने ही अच्छे इंसान बनकर राष्ट्र और समाज के लिए अपना योगदान देंगे। बच्चों का शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत होना तथा उनके अंदर अच्छे संस्कारों का होना बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि देश को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प में प्रत्येक नागरिक को अपना योगदान देना होगा। हमारी संस्कृति हमारी जड़ है और जिस प्रकार मजबूत जड़ वाला वृक्ष मजबूती से खड़ा रहता है, उसी प्रकार संस्कृति से जुड़ा समाज और राष्ट्र भी मजबूती के साथ आगे बढ़ता है। उन्होंने कहा कि विकास के साथ पर्यावरण का संतुलन बनाए रखना जरूरी है। प्रत्येक नागरिक को अधिक से अधिक पौधे लगाने और आने वाली पीढिय़ों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित करने का संकल्प लेना चाहिए।
उन्होंने अभिभावकों से आह्वान किया कि घर को भी संस्कारशाला और गुरुकुल का स्वरूप दें। माता.पिता बच्चों के सबसे बड़े गुरु हैं। उन्होंने कहा कि आज मोबाइल बच्चों के जीवन का अहम हिस्सा बन गया है लेकिन मोबाइल संस्कार और जीवन का सही मार्गदर्शन नहीं दे सकता। बच्चों को बुजुर्गों के अनुभव परिवार के संस्कार और महापुरुषों के विचारों से जोड़ना आवश्यक है।

शिक्षा का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि बच्चों का सर्वांगीण विकास: रामदेव
योग गुरु स्वामी रामदेव ने कहा कि भारतीय शिक्षा बोर्ड को भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त है और यह सीबीएसई सहित अन्य शिक्षा बोर्डों के समान मान्यता प्राप्त बोर्ड है। इस बोर्ड से शिक्षा प्राप्त करने वाला विद्यार्थी देश-दुनिया के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं उच्च शिक्षण संस्थानों में आगे की शिक्षा प्राप्त कर सकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि बच्चों का सर्वांगीण विकास करना है। पाठ्यक्रम में ज्ञान के साथ-साथ बच्चों में चिंतन, प्रयोग, संस्कार और आत्मविश्वास विकसित करने पर बल दिया जाता है। आज बच्चों को भारतीय ज्ञान परंपरा वैदिक विज्ञान, वैदिक गणित तथा देश के गौरवशाली इतिहास और संस्कृति से बच्चों को परिचित करवाने की आवश्यकता है।
स्वामी रामदेव ने कहा कि भारत की एकता और सामाजिक समरसता को मजबूत करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। समाज में किसी भी वर्ग के प्रति भेदभाव या अपमान की भावना नहीं होनी चाहिए। सभी वर्गों को साथ लेकर ही मजबूत और विकसित भारत का निर्माण किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति, योग, आयुर्वेद और भारतीय ज्ञान परंपरा को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि गुरुकुल व्यवस्था भारतीय शिक्षा एवं संस्कार परंपरा का महत्वपूर्ण माध्यम है तथा इसके विस्तार की आवश्यकता है।

शिक्षा के साथ संस्कार और नैतिकता का ज्ञान भी जरूरी: रामकुमार कश्यप
इस अवसर पर विधायक एवं गवर्नमेंट चीफ  व्हिप रामकुमार कश्यप ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल अच्छी नौकरी प्राप्त करना नहीं, बल्कि बच्चों को एक अच्छा नागरिक बनाना और राष्ट्र निर्माण में योगदान के लिए तैयार करना होना चाहिए। आज के समय में बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कारों, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों का ज्ञान देना बेहद जरूरी है। गुरुकुल जैसी संस्थाएं बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कार और संस्कृति से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि बच्चों को नैतिकता, अनुशासन और संस्कारों की शिक्षा देकर ही उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाया जा सकता है। बच्चों को ऐसी शिक्षा दी जानी चाहिए, जिससे वे तकनीक का सदुपयोग करें और उसके दुष्प्रभावों से बच सकें। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक को अधिक से अधिक पौधे लगाने के साथ.साथ लगाए गए पौधों की देखभाल और सुरक्षा भी सुनिश्चित करनी चाहिए। स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण आने वाली पीढिय़ों के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि योग को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व योग गुरु स्वामी रामदेव का  महत्वपूर्ण योगदान रहा है। आज योग भारत की पहचान बन चुका है और दुनिया के अनेक देशों में लोग इसे अपना रहे हैं।

स्वामी संपूर्णानंद ने गुरुकुल को भारतीय शिक्षा बोर्ड के लिए हरियाणा का प्रमुख केंद्र बनाने की घोषणा की
कार्यक्रम के आयोजक स्वामी संपूर्णानंद ने कहा कि वेद विद्या गुरुकुलम को हरियाणा में भारतीय शिक्षा बोर्ड से संबंधित गतिविधियों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। गुरुकुल परिसर से हरियाणा में भारतीय शिक्षा बोर्ड के कार्यों को आगे बढ़ाने में सहयोग मिलेगा। उन्होंने कहा कि गुरुकुल का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को डिग्री दिलाना नहीं, बल्कि उन्हें भारतीय ऋषि परंपरा, संस्कार, संस्कृति और ज्ञान से जोड़ते हुए योग्य एवं जिम्मेदार नागरिक बनाना है। उन्होंने गुरुकुल के विकास में सहयोग देने वाले सभी संतों, जनप्रतिनिधियों और समाज के लोगों का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर  प्रधान आचार्य संदीप, जितेंद्र अहलावत, कर्नल अरुण दत्ता, देशराज आर्य, राजेंद्र आर्य, सरपंच रतन सिंह सहित गुरुकुल सभा के पदाधिकारी, ग्रामीण संत, महात्मा गुरुकुल के शिक्षक तथा विद्यार्थी उपस्थित रहे।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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