कुरुक्षेत्र। श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय में कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान की अगुवाई में पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान ने स्वयं पारस पीपल (पारीष) का पौधा रोपित किया। इस अवसर पर कुलपति ने बताया कि पारीष आयुर्वेद में एक महत्वपूर्ण औषधीय द्रव्य है। इसका उल्लेख आयुर्वेदिक ग्रंथों में ‘पञ्चवल्कल’ तथा ‘मूत्रसंग्रहणीय महाकषाय’ जैसे प्रमुख वर्गों में मिलता है। उन्होंने बताया कि पारीष में कषाय रस की प्रधानता होती है, जिसके कारण यह संग्रहण, शोधन, व्रणरोपण, शोथहर तथा मूत्र संबंधी विकारों में उपयोगी माना गया है।
उन्होंने बताया कि पारीष का व्रणरोपण (घाव भरने) का गुण विशेष रूप से आयुर्वेदिक चिकित्सालय के शल्य चिकित्सा विभाग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके विभिन्न अंगों का उपयोग पारंपरिक रूप से व्रण, त्वचा रोग, सूजन तथा अन्य रोगों के उपचार में किया जाता रहा है। पत्तियों, छाल एवं फूलों का उपयोग आयुर्वेद में किया जाता है। पत्तियों का रस पाचन संबंधी समस्याओं में उपयोगी माना जाता है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पारस पीपल एक औषधीय एवं सदाबहार वृक्ष है, जिसका वैज्ञानिक नाम थेस्पेसिया पॉपुल्निया है। इसे अंग्रेजी में पोर्टिया ट्री या इंडियन ट्यूलिप ट्री कहा जाता है। यह सामान्य पीपल (फाइकस रिलिजियोसा) से भिन्न पौधा है। इस अवसर पर संस्थान के प्राचार्य डॉ. आशीष मेहता, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजा सिंगला, वरिष्ठ शिक्षक डॉ. राजेंद्र सिंह, डॉ. अनामिका, डॉ. बिजेंद्र तोमर, डॉ. पूजा आर्य एवं डॉ. ज्योति सैनी सहित अन्य उपस्थित रहे।
