करनाल। जल संरक्षण को समय की सबसे बड़ी जरूरत बताते हुए महापौर रेणु बाला गुप्ता ने शहरवासियों से वर्षा जल की एक-एक बूंद सहेजने और पानी के विवेकपूर्ण उपयोग को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण को जन-आंदोलन बनाकर ही करनाल का भविष्य सुरक्षित किया जा सकता है।
उल्लेखनीय है कि हरियाणा सरकार के शहरी स्थानीय निकाय विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप करनाल नगर निगम भी ‘जल शक्ति अभियान- कैच द रेन’ तथा ‘अर्बन वॉटर कंजर्वेशन’ के जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन को लेकर विशेष जागरूकता अभियान चला रहा है। इसे लेकर अपने वक्तव्य में महापौर रेणु बाला गुप्ता ने कहा कि जल केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की बुनियाद है। तेजी से बदलते पर्यावरणीय परिदृश्य और भूजल स्तर पर बढ़ते दबाव को देखते हुए अब जल संरक्षण को केवल सरकारी अभियान के रूप में नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामाजिक जिम्मेदारी और सामूहिक संकल्प के रूप में अपनाने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि मानसून का मौसम वर्षा जल संरक्षण के लिए सबसे महत्वपूर्ण अवसर है। यदि बारिश के पानी को बहकर नालियों में जाने से रोककर वैज्ञानिक तरीके से जमीन में उतारा जाए तो इससे भूजल स्तर को सुधारने में महत्वपूर्ण मदद मिल सकती है। ‘सेव वाटर टुडे-सिक्योर सिटीज फॉर टुमारो’ का संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि यह केवल एक नारा नहीं, बल्कि करनाल को जल-सुरक्षित शहर बनाने का संकल्प होना चाहिए।
महापौर रेणु बाला गुप्ता ने शहरवासियों से विशेष रूप से अपील की कि घरों, आवासीय सोसायटियों, संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की छतों पर गिरने वाले वर्षा जल को व्यर्थ न बहने दें। उचित रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम और रीचार्ज पिट्स के माध्यम से इस पानी को भूजल में पहुंचाने की दिशा में सक्रिय कदम उठाए जाएं।
उन्होंने कहा कि जल संरक्षण की शुरुआत बड़े स्तर पर नहीं, बल्कि हर घर और हर परिवार की छोटी-छोटी आदतों में बदलाव से होती है। दैनिक जरूरतों में पानी की बर्बादी रोकना, नलों को खुला न छोड़ना, आवश्यकता के अनुसार ही पानी का उपयोग करना और वर्षा जल को संरक्षित करना ऐसे प्रयास हैं, जिनका सामूहिक प्रभाव आने वाले समय में बेहद महत्वपूर्ण होगा। छतों पर गिरने वाली बारिश की हर बूंद भूजल का आधार बननी चाहिए।
जागरूकता की मुहिम जारी
महापौर ने कहा कि नगर निगम की ओर से होर्डिंग्स, स्टैंडीज तथा विभिन्न जन जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से नागरिकों को वर्षा जल संचयन और जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने युवा वर्ग, सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं, शिक्षण संस्थानों, आरडब्ल्यूए, बाजार संगठनों और शहर के प्रत्येक वर्ग से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि जल संरक्षण किसी एक विभाग या संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का साझा दायित्व है। यदि करनाल का प्रत्येक नागरिक बारिश की एक-एक बूंद को बचाने और पानी की बर्बादी रोकने का संकल्प ले तो शहर को भविष्य के लिए जल-सुरक्षित और पर्यावरण के दृष्टिकोण से अधिक सशक्त बनाया जा सकता है।
जल अनमोल प्राकृतिक उपहार
महापौर रेणु बाला गुप्ता ने कहा कि प्रकृति ने हमें पानी के रूप में अनमोल उपहार दिया है और इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना हमारा नैतिक कर्तव्य है। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि ‘कैच द रेन’ को केवल सरकारी अभियान न रहने दें, बल्कि इसे करनाल के हर घर, हर परिवार और हर नागरिक का जन-अभियान बनाएं। इसके लिए हर बूंद की कीमत समझें, पानी बचाएं और करनाल का भविष्य सुरक्षित करें।
