करनाल। हरियाणा को औद्योगिक एवं आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में सोमवार को करनाल के नूर महल सभागार में महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नई ‘हरियाणा प्रगतिशील एमएसएमई एवं निर्यात प्रोत्साहन नीति-2026’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर महापौर रेणु बाला गुप्ता एवं अन्य गणमान्य जनों ने भी मुख्यमंत्री के साथ आयोजन में सक्रिय सहभागिता निभाते हुए प्रदेश के औद्योगिक विकास, उद्यमिता संवर्धन और रोजगार सृजन को लेकर नीति के महत्व को रेखांकित किया।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार का लक्ष्य प्रदेश के एमएसएमई क्षेत्र को अधिक सक्षम, प्रतिस्पर्धी और आत्मनिर्भर बनाना है। नई नीति के माध्यम से छोटे और मध्यम उद्यमियों को प्रोत्साहन, निवेश को आकर्षित करने, उत्पादन क्षमता बढ़ाने तथा निर्यात के नए अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र प्रदेश की अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण आधारशिला है और इसे मजबूत करके युवाओं के लिए रोजगार तथा स्वरोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार उद्योग जगत की आवश्यकताओं को समझते हुए ऐसी नीतियां तैयार कर रही है, जिनसे उद्यमियों को बेहतर कारोबारी वातावरण मिले और हरियाणा देश के प्रमुख औद्योगिक एवं निर्यात केंद्रों में अपनी स्थिति और मजबूत कर सके।
महापौर रेणु बाला गुप्ता ने कहा कि हरियाणा प्रगतिशील एमएसएमई एवं निर्यात प्रोत्साहन नीति-2026 प्रदेश के उद्यमियों, युवाओं और रोजगार के लिए दूरगामी परिणाम देने वाली पहल है। उन्होंने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र को मजबूती मिलने से स्थानीय स्तर पर उद्योगों का विस्तार होगा, युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे तथा प्रदेश की अर्थव्यवस्था को और गति मिलेगी।
महापौर ने कहा कि करनाल जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहरों के लिए ऐसी उद्योगोन्मुखी नीतियां विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं। इससे स्थानीय उद्यमिता को प्रोत्साहन मिलेगा और छोटे कारोबारियों से लेकर नए स्टार्टअप तथा निर्यातकों तक को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने में एमएसएमई क्षेत्र की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और हरियाणा सरकार की यह नीति उस दिशा में प्रभावी कदम है।
अन्य वक्ताओं ने भी नीति को प्रदेश के औद्योगिक विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि एमएसएमई क्षेत्र को प्रोत्साहन मिलने से निवेश और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि मजबूत औद्योगिक आधार ही प्रदेश की आर्थिक प्रगति को स्थायी गति प्रदान करता है।
कार्यक्रम में हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण, हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य, वन एवं पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह, करनाल विधायक जगमोहन आनंद, असंध विधायक योगेंद्र राणा, नीलोखेड़ी विधायक भगवानदास कबीरपंथी, पानीपत विधायक प्रमोद विज, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रवीण लाठर, प्रधान सचिव अरुण गुप्ता, एमएसएमई निदेशक यश गर्ग, हरियाणा ट्रेड वेलफेयर एसोसिएशन बोर्ड के अध्यक्ष राजेंद्र ठकराल, महानिदेशक अमित अग्रवाल सहित अनेक गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।
नीति खोलेगी अवसरों के द्वार
उल्लेखनीय है कि नई नीति से प्रदेश में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को नई गति देने, निवेश को आकर्षित करने, निर्यात को बढ़ावा देने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल होने की उम्मीद है। इसी दृष्टिकोण के साथ करनाल में हुए इस आयोजन ने उद्योग जगत और उद्यमियों के बीच भी नई संभावनाओं और उम्मीदों का संदेश दिया। वहीं, करनाल की महापौर रेणु बाला गुप्ता सहित अन्य गणमान्य जनों की सक्रिय सहभागिता ने इस आयोजन में करनाल की औद्योगिक संभावनाओं और स्थानीय उद्यमिता को प्रदेश की व्यापक विकास नीति से जोड़ने के संकल्प को भी प्रमुखता से सामने रखा।
