कुरुक्षेत्र, 10 अगस्त।’’ कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन् में यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (यूआईईटी) में नए सत्र में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के लिए ‘छात्र प्रेरणा कार्यक्रम’ का भव्य शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के डीन इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी एवं यूआईईटी के निदेशक प्रो. सुनील ढींगरा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम का शुभारंभ वंदे मातरम् राष्ट्रगीत के साथ हुआ।
प्रो. सुनील ढींगरा ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि इंजीनियरिंग केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि समस्या समाधान, नवाचार और समाज के लिए उपयोगी तकनीकी समाधान विकसित करने का क्षेत्र है। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, कड़ी मेहनत और समय प्रबंधन को सफलता का आधार बताते हुए विश्वविद्यालय में उपलब्ध प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय, प्लेसमेंट सेल तथा विभिन्न तकनीकी क्लबों का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपने तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक कौशल, संचार क्षमता और नेतृत्व क्षमता के विकास पर भी ध्यान देना चाहिए, ताकि वे बदलते तकनीकी परिवेश की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार कर सकें।
कार्यक्रम के दौरान यूआईईटी के वरिष्ठ शिक्षकों ने विद्यार्थियों को विभिन्न इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों, परीक्षा प्रणाली, आचार संहिता, एंटी-रैगिंग नियमों तथा विश्वविद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों की जानकारी दी। विद्यार्थियों को प्लेसमेंट, प्रशिक्षण तथा उच्च शिक्षा के अवसरों के बारे में भी विस्तार से बताया गया।
छात्र प्रेरणा कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. सविता ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। एप्लाइड साइंसेज विभाग के अध्यक्ष डॉ. राजेश अग्निहोत्री ने विभाग की शैक्षणिक गतिविधियों एवं सुविधाओं की जानकारी दी। डॉ. पूनम डब्बास ने कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग के क्षेत्र के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी दी। डॉ. विशाल अहलावत ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग, डॉ. दीपक सूद ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग, विजय गर्ग ने इलेक्ट्रिकल एवं कंप्यूटर टेक्नोलॉजी इंजीनियरिंग तथा डॉ. दीपक मलिक ने बायोटेक्नोलॉजी इंजीनियरिंग से संबंधित जानकारी विद्यार्थियों के साथ साझा की।
कार्यक्रम का मंच संचालन विद्यार्थियों श्रुति और विशाल ने किया। कार्यक्रम के अंत में नवप्रवेशी विद्यार्थियों को यूआईईटी परिसर का भ्रमण करवाया गया तथा विभिन्न प्रयोगशालाओं एवं अन्य सुविधाओं से परिचित कराया गया। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में भाग लिया।
इस अवसर पर कार्यक्रम की सह-संयोजक डॉ. दीप्ति चौधरी, डॉ. पवन दीवान, डॉ. रूचि, डॉ. नरेश, डॉ. राजेश कालिया, दुग्गल, एकता, ज्योति, वर्षा, हरिकेश, पपोसा सहित अन्य शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
प्रो. सुनील ढींगरा ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि इंजीनियरिंग केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि समस्या समाधान, नवाचार और समाज के लिए उपयोगी तकनीकी समाधान विकसित करने का क्षेत्र है। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, कड़ी मेहनत और समय प्रबंधन को सफलता का आधार बताते हुए विश्वविद्यालय में उपलब्ध प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय, प्लेसमेंट सेल तथा विभिन्न तकनीकी क्लबों का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपने तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक कौशल, संचार क्षमता और नेतृत्व क्षमता के विकास पर भी ध्यान देना चाहिए, ताकि वे बदलते तकनीकी परिवेश की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार कर सकें।
कार्यक्रम के दौरान यूआईईटी के वरिष्ठ शिक्षकों ने विद्यार्थियों को विभिन्न इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों, परीक्षा प्रणाली, आचार संहिता, एंटी-रैगिंग नियमों तथा विश्वविद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों की जानकारी दी। विद्यार्थियों को प्लेसमेंट, प्रशिक्षण तथा उच्च शिक्षा के अवसरों के बारे में भी विस्तार से बताया गया।
छात्र प्रेरणा कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. सविता ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। एप्लाइड साइंसेज विभाग के अध्यक्ष डॉ. राजेश अग्निहोत्री ने विभाग की शैक्षणिक गतिविधियों एवं सुविधाओं की जानकारी दी। डॉ. पूनम डब्बास ने कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग के क्षेत्र के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी दी। डॉ. विशाल अहलावत ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग, डॉ. दीपक सूद ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग, विजय गर्ग ने इलेक्ट्रिकल एवं कंप्यूटर टेक्नोलॉजी इंजीनियरिंग तथा डॉ. दीपक मलिक ने बायोटेक्नोलॉजी इंजीनियरिंग से संबंधित जानकारी विद्यार्थियों के साथ साझा की।
कार्यक्रम का मंच संचालन विद्यार्थियों श्रुति और विशाल ने किया। कार्यक्रम के अंत में नवप्रवेशी विद्यार्थियों को यूआईईटी परिसर का भ्रमण करवाया गया तथा विभिन्न प्रयोगशालाओं एवं अन्य सुविधाओं से परिचित कराया गया। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में भाग लिया।
इस अवसर पर कार्यक्रम की सह-संयोजक डॉ. दीप्ति चौधरी, डॉ. पवन दीवान, डॉ. रूचि, डॉ. नरेश, डॉ. राजेश कालिया, दुग्गल, एकता, ज्योति, वर्षा, हरिकेश, पपोसा सहित अन्य शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
