कुरुक्षेत्र, 6 अगस्त। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में यूजीसी-मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र द्वारा अर्थशास्त्र विभाग के सहयोग से सामाजिक विज्ञानों में अनुसंधान पद्धति विषय पर 6 से 19 अगस्त 2026 तक तक चलने वाले दो सप्ताहीय ऑनलाइन अन्तर्विषयी पुनश्चर्या पाठ्यक्रम का शुभारम्भ हुआ। इस पाठ्यक्रम में देशभर के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों से 70 प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कुवि कुलसचिव प्रो. वीरेन्द्र पाल ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण एवं नैतिक अनुसंधान राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है तथा शिक्षकों को नवीन शोध प्रवृत्तियों से निरंतर जुड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप शिक्षकों को अनुसंधान की नवीन प्रवृत्तियों, आधुनिक शोध उपकरणों तथा अंतर्विषयी दृष्टिकोण को अपनाते हुए समाज और उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप शोध कार्य करने चाहिए।
मुख्य वक्ता आईक्यूएसी के निदेशक प्रो. तेजेन्द्र शर्मा ने आधुनिक अनुसंधान पद्धति में भारतीय ज्ञान प्रणाली विषय पर व्याख्यान देते हुए भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक शोध पद्धतियों के साथ जोड़कर समाजोपयोगी एवं नवाचार आधारित अनुसंधान को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कुवि कुलसचिव प्रो. वीरेन्द्र पाल ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण एवं नैतिक अनुसंधान राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है तथा शिक्षकों को नवीन शोध प्रवृत्तियों से निरंतर जुड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप शिक्षकों को अनुसंधान की नवीन प्रवृत्तियों, आधुनिक शोध उपकरणों तथा अंतर्विषयी दृष्टिकोण को अपनाते हुए समाज और उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप शोध कार्य करने चाहिए।
मुख्य वक्ता आईक्यूएसी के निदेशक प्रो. तेजेन्द्र शर्मा ने आधुनिक अनुसंधान पद्धति में भारतीय ज्ञान प्रणाली विषय पर व्याख्यान देते हुए भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक शोध पद्धतियों के साथ जोड़कर समाजोपयोगी एवं नवाचार आधारित अनुसंधान को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
दूसरे सत्र में उत्कल विश्वविद्यालय, भुवनेश्वर (ओडिशा) के विश्लेषणात्मक एवं अनुप्रयुक्त अर्थशास्त्र विभाग के प्रोफेसर एवं आरबीआई चेयर प्रोफेसर प्रो. सुधाकर पात्रा ने मतों का विश्लेषणः गुणात्मक एवं गैर-प्रचलित तकनीकें विषय पर व्याख्यान दिया। तीसरे सत्र में भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय, खानपुर कलां (सोनीपत) के अर्थशास्त्र विभाग के प्रो. सुरेन्द्र मोर ने शैक्षणिक लेखन में उद्धरण एवं संदर्भ विषय पर तथा चौथे सत्र में भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय, खानपुर कलां (सोनीपत) के वाणिज्य विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सीमा मलिक ने एमएस वर्ड के माध्यम से प्रभावी शोध लेखन विषय पर प्रतिभागियों को शोध लेखन की आधुनिक एवं व्यावहारिक तकनीकों से अवगत करवाया।
डॉ. प्रिया शर्मा, सह-समन्वयक ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया, जबकि प्रो. अर्चना चौधरी समन्वयक ने पाठ्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। प्रो. प्रीति जैन, निदेशक, यूजीसी-एमएमटीटीसी ने शिक्षकों के सतत् व्यावसायिक विकास पर बल दिया। अंत में डॉ. नीरज बातिश , उपनिदेशक, यूजीसी-एमएमटीटीसी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
डॉ. प्रिया शर्मा, सह-समन्वयक ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया, जबकि प्रो. अर्चना चौधरी समन्वयक ने पाठ्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। प्रो. प्रीति जैन, निदेशक, यूजीसी-एमएमटीटीसी ने शिक्षकों के सतत् व्यावसायिक विकास पर बल दिया। अंत में डॉ. नीरज बातिश , उपनिदेशक, यूजीसी-एमएमटीटीसी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
