करनाल, 5 अगस्त। विद्यालय शिक्षा विभाग द्वारा बुधवार को राजकीय कन्या मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में मेरा भविष्य – मेरा निर्णय करियर काउंसलिंग कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने बतौर मुख्य अतिथि तथा अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. राहुल रईया व सीएमजीजीए श्रुति मित्रा ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त ने मेरा भविष्य – मेरा निर्णय करियर काउंसलिंग पत्रिका का विमोचन भी किया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कक्षा नौवीं से बारहवीं तक के विद्यार्थियों से सीधा संवाद करते हुए उनके करियर से जुड़े प्रश्नों के उत्तर दिए और उन्हें अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित होकर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर उपायुक्त डॉ आनंद कुमार शर्मा ने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी का जीवन में एक स्पष्ट लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि सपने वे होते हैं जो व्यक्ति को सोने नहीं देते। इसलिए अपने सपनों को लक्ष्य बनाकर पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ खेल, सांस्कृतिक एवं अन्य सह-पाठयक्रम गतिविधियों में भाग लेने से व्यक्तित्व का समग्र विकास होता है। वर्तमान समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) सहित नई तकनीकों को अपनाना भी आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से आत्मविश्वास बनाए रखने का आह्वान करते हुए कहा कि सफलता के लिए स्वयं पर विश्वास और निरंतर मेहनत सबसे महत्वपूर्ण है।
डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने कहा कि करियर काउंसलिंग विद्यार्थियों को सही दिशा प्रदान करती है। करियर का चयन कभी भी किसी दबाव में नहीं करना चाहिए, बल्कि अपनी रुचि और अभिभावकों के मार्गदर्शन के साथ सोच-समझकर निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि वे तीसरे प्रयास में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में चयनित हुए। उन्होंने कहा कि कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प से हर चुनौती को पार किया जा सकता है। ईमानदारी और लगन के साथ किया गया कार्य हमेशा सफलता दिलाता है।
उन्होंने विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के संबंध में भी महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालय की पाठ्यपुस्तकें मजबूत आधार प्रदान करती हैं। स्कूली तथा स्नातक स्तर की पढ़ाई सिविल सेवा जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित रूप से समाचार पत्र पढ़ने और सामान्य ज्ञान बढ़ाने की भी सलाह दी। साथ ही उन्होंने डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की प्रेरणादायक पुस्तकों का अध्ययन करने के लिए भी प्रेरित किया।
जिले के प्रत्येक विद्यालय में होंगे करियर काउंसलिंग संवाद कार्यक्रम आयोजित:उपायुक्त
उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने बताया कि जिला स्तर पर आज मेरा भविष्य – मेरा निर्णय करियर काउंसलिंग कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया है। इस पहल के तहत जिले के प्रत्येक सरकारी विद्यालयों में जाकर प्रशासनिक अधिकारी विद्यार्थियों से सीधा संवाद करेंगे तथा उन्हें करियर विकल्पों, प्रतियोगी परीक्षाओं और भविष्य की संभावनाओं के संबंध में मार्गदर्शन देंगे। मेरा भविष्य – मेरा निर्णय करियर काउंसलिंग पत्रिका जिले के सभी विद्यालयों में उपलब्ध करवा दी गई है, ताकि विद्यार्थी इसका लाभ उठा सकें। उन्होंने बताया कि प्रत्येक विद्यालय में करियर काउंसलिंग के लिए एक नोडल अधिकारी भी नियुक्त किया गया है। विद्यार्थी एवं उनके अभिभावक विद्यालय में नियुक्त नोडल अधिकारी से करियर संबंधी मार्गदर्शन एवं परामर्श प्राप्त कर सकते हैं। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को उनकी रुचि और क्षमता के अनुरूप सही करियर चुनने में सहायता प्रदान करना है।
अपनी रुचि और क्षमता के अनुरूप विषय एवं करियर का करें चयन: एडीसी डॉ राहुल रईया
इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. राहुल रईया ने कहा कि दसवीं कक्षा विद्यार्थियों के जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव होती है। इसी समय करियर की सही दिशा तय होती है, इसलिए अपनी रुचि और क्षमता के अनुरूप विषय एवं करियर का चयन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अंक महत्वपूर्ण है, लेकिन सफलता का वास्तविक आधार मेहनत, लगन और चुनौतियों का साहसपूर्वक सामना करना है।
सीएमजीजीए श्रुति मिश्रा ने विद्यार्थियों से कहा कि वे किसी भी प्रकार के सामाजिक या पारिवारिक दबाव में आकर करियर का चयन न करें। अपनी रुचि, योग्यता और सुविधा के अनुसार चुना गया करियर ही दीर्घकालीन सफलता और संतुष्टि प्रदान करता है।
जिला शिक्षा अधिकारी रोहताश वर्मा ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जीवन के तीन महत्वपूर्ण आधार हैं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रहा है तथा यह कार्यक्रम युवाओं को रोजगार और करियर के प्रति सही दिशा देने की एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने बताया कि हर मॉ ऐसे संवादात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी इसका लाभ उठा सकें।
कार्यक्रम में स्कूल के प्रधानाचार्य मोहिंद्र सिंह, स्कूल स्टाफ सहित 9 वी कक्षा से 12 वी कक्षा की छात्राएं उपस्थित रहीं।
