कुरुक्षेत्र पुलिस अधीक्षक श्री चन्द्र मोहन ने पुलिस कार्यालय के सभागार में प्रवेक्षण अधिकारियों एवं सभी थाना प्रभारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित कर गंभीर अपराधों की जांच तथा लंबित मामलों की विस्तार से समीक्षा की। बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक ने विभिन्न संवेदनशील मामलों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
पुलिस अधीक्षक ने विशेष रूप से आईटी एक्ट, पोक्सो एक्ट, बलात्कार तथा एससी/एसटी एक्ट से संबंधित मामलों की समीक्षा करते हुए कहा कि ऐसे प्रकरण अत्यंत संवेदनशील हैं। इनमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए कि इन मामलों में निष्पक्ष, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध जांच सुनिश्चित करें तथा जिन मामलों में गिरफ्तारी अपेक्षित है, उनमें आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि पीड़ितों के साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाए तथा उन्हें कानून के तहत मिलने वाली सभी सुविधाएं और सहायता समय पर उपलब्ध कराई जाए। साथ ही अनुसंधान के दौरान सभी कानूनी प्रावधानों और निर्धारित प्रक्रियाओं का पूर्ण पालन किया जाए, ताकि न्यायालय में मजबूत अभियोजन प्रस्तुत किया जा सके। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि यदि कोई होटल/रेस्टोरेंट या स्पा सैंटर मालिक नाबालिग लडका/लडकी को कमरा किराए पर देता है उसके खिलाफ कारवाई की जा सके।
पुलिस अधीक्षक ने चन्द्र मोहन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करें, वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाएं तथा कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखें। उन्होंने कहा कि आमजन का पुलिस पर विश्वास बनाए रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और प्रत्येक अधिकारी अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी से निभाए। बैठक के अंत में पुलिस अधीक्षक ने सभी अधिकारियों को टीम भावना के साथ कार्य करते हुए गंभीर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा प्रत्येक मामले में त्वरित एवं निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
