करनाल, 4 अगस्त। अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. राहुल रईया ने मंगलवार को जिले के सोनी माइंड केयर एवं नशा मुक्ति केंद्र का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध कराई जा रही उपचार सेवाओं का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति केंद्रों में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को गुणवत्तापूर्ण उपचार, बेहतर देखभाल उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।
निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त उपायुक्त ने केंद्र में मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सेवाओं, मनोवैज्ञानिक परामर्श, दवा प्रबंधन, स्वच्छता व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंध सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं का अवलोकन किया। उन्होंने केंद्र में अभिलेखों के रख-रखाव की भी समीक्षा की।
एडीसी ने केंद्र प्रबंधन को निर्देश दिए कि प्रत्येक मरीज को समय पर दवाएं, नियमित काउंसलिंग सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि मरीजों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रभावी पुनर्वास भी उतना ही आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है। इस दिशा में स्वास्थ्य विभाग, समाज कल्याण विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों से नशा मुक्ति अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है।
उप सिविल सर्जन डॉ. मुनीश ने बताया कि जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा समय-समय पर नशा मुक्ति केंद्रों का निरीक्षण किया जाता है, ताकि उपचाराधीन व्यक्तियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप बेहतर स्वास्थ्य एवं पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
निरीक्षण के दौरान एडीसी ने केंद्र को उपचार एवं पुनर्वास सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने, अभिलेखों का समुचित रख-रखाव सुनिश्चित करने तथा निर्धारित मानकों की पूर्ण पालना करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर उप सिविल सर्जन डॉ. मुनीश, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. संतोष, जिला समाज कल्याण विभाग के प्रतिनिधि प्रिंस तथा मॉनिटरिंग एवं इवैल्यूएशन ऑफिसर (एम एंड ई) भावना सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
