करनाल, 3 अगस्त। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले संस्थानों, संगठनों, नियोक्ताओं एवं अन्य हितधारकों से राष्ट्रीय पुरस्कारों हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। पुरस्कार के लिए 15 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। यह जानकारी उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने दी।
उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने बताया कि इन राष्ट्रीय पुरस्कारों का उद्देश्य दिव्यांगजनों के अधिकारों, समान अवसरों, पुनर्वास, रोजगार, सुगम्यता तथा समावेशी विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले संस्थानों एवं संगठनों को सम्मानित करना है। इससे समाज में दिव्यांगजन सशक्तिकरण के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार होगा तथा उत्कृष्ट कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय पुरस्कारों के लिए विभिन्न श्रेणियां निर्धारित की गई हैं, जिनमें दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण में कार्यरत सर्वश्रेष्ठ संस्थान (निजी संगठन/एनजीओ), दिव्यांगजनों के लिए सर्वश्रेष्ठ नियोक्ता (सरकारी, सार्वजनिक उपक्रम, स्वायत्त निकाय एवं निजी क्षेत्र), दिव्यांगजनों के लिए सर्वश्रेष्ठ प्लेसमेंट एजेंसी (सरकारी संस्थाओं को छोडक़र), सुगम्य भारत अभियान के कार्यान्वयन एवं बाधा-मुक्त वातावरण के सृजन में सर्वश्रेष्ठ राज्य, संघ राज्य क्षेत्र अथवा जिला, सर्वश्रेष्ठ सुगम्य यातायात के साधन एवं सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, आरपीडब्ल्यूडी अधिनियम, यूडीआईडी तथा दिव्यांगजन सशक्तिकरण की अन्य योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन में सर्वश्रेष्ठ राज्य, संघ राज्य क्षेत्र अथवा जिला, आरपीडब्ल्यूडी अधिनियम, 2016 के प्रभावी क्रियान्वयन में सर्वश्रेष्ठ राज्य दिव्यांगजन आयुक्त, पुनर्वास पेशेवरों के विकास में संलग्न सर्वश्रेष्ठ संगठन तथा कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के माध्यम से दिव्यांगजन सशक्तिकरण में उत्कृष्ट योगदान देने वाले सर्वश्रेष्ठ सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम अथवा निजी क्षेत्र की कंपनी शामिल हैं। प्रत्येक चयनित श्रेणी के विजेता को प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति-चिह्न (शील्ड) प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा।
उपायुक्त ने जिले के पात्र गैर-सरकारी संगठनों, ट्रस्टों, सोसायटियों, कंपनियों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, निजी एवं सार्वजनिक क्षेत्र के नियोक्ताओं, प्लेसमेंट एजेंसियों तथा दिव्यांगजन सशक्तिकरण के क्षेत्र में कार्यरत अन्य संस्थाओं से अपील की है कि वे निर्धारित पात्रता एवं दिशा-निर्देशों के अनुसार समय रहते आवेदन प्रस्तुत कर इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान के लिए अपनी दावेदारी सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पुरस्कार उन संस्थाओं और संगठनों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं, जिन्होंने दिव्यांगजनों को मुख्यधारा से जोड़ने, रोजगार उपलब्ध कराने, कौशल विकास, पुनर्वास सेवाओं के विस्तार, सुगम वातावरण के निर्माण तथा समावेशी समाज के निर्माण में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा जारी सूचना के अनुसार, अब सभी इच्छुक व्यक्ति, संस्थाएं तथा आमजन राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल पर 15 अगस्त, 2026 तक राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल (https://awards.gov.in)अपने ऑनलाइन आवेदन/नामांकन जमा कर सकते हैं। डाक, कूरियर, ई-मेल या किसी भी अन्य भौतिक/अप्रत्यक्ष माध्यम से भेजे गए आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि पुरस्कारों से संबंधित पात्रता मानदंड, विस्तृत दिशा-निर्देश तथा अन्य आवश्यक जानकारी के लिए निम्नलिखित दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के पोर्टल https://depwd.gov.in व राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल https://awards.gov.in पर संपर्क कर सकते हैं।
