कुरुक्षेत्र, 31 जुलाई। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में हिंदी विभाग द्वारा महान साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद एवं अमर शहीद उधम सिंह की जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर दोनों महान विभूतियों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।
कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने मुंशी प्रेमचंद के साहित्यिक अवदान तथा भारतीय समाज, ग्रामीण जीवन और मानवीय मूल्यों के प्रति उनके योगदान को स्मरण किया। साथ ही शहीद ऊधम सिंह के अद्वितीय साहस, देशभक्ति और बलिदान को नमन करते हुए उनके जीवन से राष्ट्र प्रेम, त्याग और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष की प्रेरणा लेने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. महासिंह पूनिया के नेतृत्व में विभाग के शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने दोनों महान विभूतियों के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने तथा समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में कला एवं भाषा संकाय की अधिष्ठाता प्रो. सुनीता सिरोहा, डॉ. अंबेडकर स्टडी सेंटर के निदेशक डॉ. प्रीतम सिंह, राजकीय पीजी कॉलेज, अंबाला के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अतुल यादव, प्रो. धर्मवीर सिरोही, डॉ. जसबीर, डॉ. गुरदीप, डॉ. रामचंद्र सहित विभाग के शिक्षक, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने मुंशी प्रेमचंद के साहित्यिक अवदान तथा भारतीय समाज, ग्रामीण जीवन और मानवीय मूल्यों के प्रति उनके योगदान को स्मरण किया। साथ ही शहीद ऊधम सिंह के अद्वितीय साहस, देशभक्ति और बलिदान को नमन करते हुए उनके जीवन से राष्ट्र प्रेम, त्याग और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष की प्रेरणा लेने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. महासिंह पूनिया के नेतृत्व में विभाग के शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने दोनों महान विभूतियों के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने तथा समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में कला एवं भाषा संकाय की अधिष्ठाता प्रो. सुनीता सिरोहा, डॉ. अंबेडकर स्टडी सेंटर के निदेशक डॉ. प्रीतम सिंह, राजकीय पीजी कॉलेज, अंबाला के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अतुल यादव, प्रो. धर्मवीर सिरोही, डॉ. जसबीर, डॉ. गुरदीप, डॉ. रामचंद्र सहित विभाग के शिक्षक, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
