कुरुक्षेत्र, 29 जुलाई। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा की अध्यक्षता में बुधवार को कमेटी रूम में ब्लैंडिड मोड में आयोजित अकादमिक प्लानिंग बोर्ड की बैठक में विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर उत्कृष्ट शिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान के रूप में स्थापित करने की दिशा में कई दूरगामी निर्णय लिए गए। बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन, कौशल आधारित शिक्षा, डिजिटल शिक्षण, अनुसंधान, परीक्षा सुधार, पर्यावरण संरक्षण, उद्योग सहभागिता तथा विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता को बढ़ाने से संबंधित 11 एजेंडा बिंदुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
इस अवसर पर कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा’’ कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 केवल पाठ्यक्रमों में बदलाव का दस्तावेज नहीं, बल्कि उच्च शिक्षा में गुणवत्ता, नवाचार, अनुसंधान, कौशल विकास और वैश्विक प्रतिस्पर्धा का व्यापक रोडमैप है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय इसी दृष्टि के अनुरूप शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के प्रत्येक क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य विद्यार्थियों को केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि उन्हें ज्ञान, कौशल, नैतिक मूल्यों तथा आधुनिक तकनीकी दक्षताओं से समृद्ध कर वैश्विक स्तर का सक्षम नागरिक बनाना है। अकादमिक प्लानिंग बोर्ड द्वारा लिए गए निर्णय विश्वविद्यालय को उत्कृष्ट शिक्षण, गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान, उद्योग सहभागिता तथा रोजगारपरक शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप पाठ्यक्रमों में लचीलापन, मल्टीपल एंट्री एवं एग्जिट व्यवस्था, अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट, भारतीय ज्ञान परंपरा के समावेशन तथा अनुभवात्मक एवं प्रोजेक्ट आधारित शिक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने का निर्णय लिया गया। इसके लिए शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे ताकि विद्यार्थियों को आधुनिक एवं व्यवहारिक शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके।
अनुसंधान को नई गति देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के साथ शोध सहयोग, संयुक्त पीएचडी पर्यवेक्षण, फैकल्टी एक्सचेंज, उच्च गुणवत्ता वाले शोध प्रकाशनों तथा बाह्य अनुसंधान अनुदान प्राप्त करने के लिए विशेष कार्यशालाओं के आयोजन पर सहमति बनी। साथ ही युवा शोधार्थियों और शिक्षकों के लिए वैज्ञानिक लेखन, शोध नैतिकता तथा अनुसंधान डेटा प्रबंधन पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में सुधार के लिए शोध प्रकाशनों को प्रोत्साहित करने, विश्वविद्यालय की उपलब्धियों के प्रभावी प्रचार-प्रसार तथा केयू न्यूज़लेटर को देश-विदेश के विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों, उद्योग जगत और पूर्व विद्यार्थियों तक नियमित रूप से पहुंचाने का निर्णय लिया गया।
बैठक में रोजगारपरक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न संकायों में नए अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम प्रारंभ करने तथा मौजूदा पाठ्यक्रमों को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप और अधिक व्यावहारिक बनाने पर बल दिया गया। परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने के लिए एमसीक्यू आधारित मूल्यांकन प्रणाली की दिशा में कार्य करने का भी निर्णय लिया गया।
बैठक में डिजिटल शिक्षा को सुदृढ़ बनाने के लिए विश्वविद्यालय में लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम, डिजिटल स्टूडियो, ई-कंटेंट निर्माण, ब्लेंडेड लर्निंग तथा ऑनलाइन शिक्षण को बढ़ावा देने की योजना बनाई गई। इसके साथ ही शिक्षकों द्वारा तैयार किए जाने वाले गुणवत्तापूर्ण डिजिटल शिक्षण संसाधनों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष पहल की जाएगी। पर्यावरण संरक्षण को विश्वविद्यालय की प्राथमिकता बताते हुए जीरो वेस्ट कैंपस, सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर प्रतिबंध, जैविक अपशिष्ट प्रबंधन, सौर ऊर्जा के उपयोग तथा सतत विकास से जुड़े कार्यक्रमों को चरणबद्ध तरीके से लागू करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में खेल अवसंरचना को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने, यूआईईटी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल एवं ड्रोन टेक्नोलॉजी से संबंधित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने तथा हरियाणवी सांझी कला एवं हरियाणवी बोली के संरक्षण और संवर्धन के लिए भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
इसके अतिरिक्त बोर्ड ने कौशल आधारित शिक्षा को और सुदृढ़ करने, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, सेमीकंडक्टर, डेटा साइंस, रोबोटिक्स तथा अन्य उभरती तकनीकों से जुड़े उद्योगोन्मुखी पाठ्यक्रमों का विस्तार करने तथा समय-समय पर पाठ्यक्रमों की समीक्षा कर उन्हें वर्तमान औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप अद्यतन करने पर भी बल दिया।
इस अवसर पर आईक्यूएसी सेल के निदेशक प्रो. तेजेन्द्र शर्मा ने पीपीटी के माध्यम से विश्वविद्यालय की उपलब्धियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
इस बैठक में हरियाणा के राज्यपाल के नामिनी प्रो. धनपत राम अग्रवाल, बीआर अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय लखनऊ के कुलपति प्रो. आरके मित्तल, हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बलदेव राज कम्बोज, गुरुग्राम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजय कौशिक, कुलसचिव प्रो. वीरेन्द्र पाल, डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. राकेश कुमार, डीन ऑफ कॉलेजिज प्रो. ब्रजेश साहनी, डीन प्रो. संजीव अग्रवाल, प्रो. तेजेन्द्र शर्मा, प्रो. मंजूला चौधरी, प्रो. अनिल वशिष्ठ, प्रो. ब्रह्मजीत, डॉ. अंकेश्वर ने भागीदारी की।
