करनाल, 28 जुलाई। उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने बताया कि खरीफ फसलों का पंजीकरण 31 जुलाई तक मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर करवाना अनिवार्य है। यह केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि किसानों की फसल, अधिकारों और भविष्य की सुरक्षा का मजबूत आधार है।
उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है और इन सभी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि आज किया गया पंजीकरण भविष्य में किसान की सबसे बड़ी सुरक्षा बन सकता है। प्राकृतिक आपदा, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि, सूखा अथवा किसी अन्य कारण से फसल को नुकसान होने की स्थिति में मुआवजा एवं राहत सहायता तभी मिल सकेगी, जब किसान का पंजीकरण पोर्टल पर दर्ज होगा। इसलिए कोई भी किसान इस महत्त्वपूर्ण कार्य को अंतिम समय तक न टालें। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को हर संभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन योजनाओं का लाभ तभी मिल पाएगा जब किसान समय पर अपना पंजीकरण पूरा करेंगे। उन्होंने किसानों से स्वयं पंजीकरण करवाने के साथ-साथ अन्य किसानों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आग्रह किया।
खाद का वितरण मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण के बाद ही: डॉ वजीर सिंह
उप कृषि निदेशक डॉ. वजीर सिंह ने बताया कि कृषि विभाग के निर्देशानुसार अब उर्वरकों (खाद) का वितरण भी मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण के बाद ही किया जाएगा। इसलिये किसान समय रहते अपना पंजीकरण अवश्य करवा लें ताकि उन्हें खाद की उपलब्धता सहित कृषि विभाग द्वारा संचालित सभी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ बिना किसी बाधा के मिलता रहे। उन्होंने बताया कि यदि किसी किसान को पंजीकरण करवाने में किसी प्रकार की समस्या आती है तो वह अपने सम्बंिधत कृषि अधिकारी, खण्ड कृषि कार्यालय, कॉमन सर्विस सेंटर अथवा अटल सेवा केंद्र से सम्पर्क कर सहायता प्राप्त कर सकता है।
