कुरुक्षेत्र, 27 जुलाई। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय में अनुसंधान और नवाचार को निरंतर प्रोत्साहन मिल रहा है। इसी क्रम में विश्वविद्यालय के आईआईएचएस के भूगोल विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. कुलविंदर कौर को हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद (एचएसएसईसी) द्वारा हरियाणा राज्य अनुसंधान निधि (एचएसआरएफ) के अंतर्गत 15 लाख रुपये का प्रतिष्ठित शोध अनुदान स्वीकृत किया गया है। यह अनुदान दो वर्ष की अवधि के लिए प्रदान किया गया है तथा इसका स्वीकृति पत्र 13 जुलाई 2026 को जारी किया गया।
कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने डॉ. कुलविंदर कौर को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि न केवल भूगोल विभाग बल्कि पूरे विश्वविद्यालय के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण, नवाचार आधारित तथा समाजोपयोगी अनुसंधान को प्राथमिकता दे रहा है। भूजल संरक्षण वर्तमान समय की सबसे गंभीर चुनौतियों में से एक है और इस विषय पर किया जाने वाला यह शोध राज्य के जल संसाधनों के वैज्ञानिक प्रबंधन एवं सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
कुलसचिव प्रो. वीरेन्द्र पाल ने कहा कि विश्वविद्यालय में शोध एवं नवाचार का निरंतर विस्तार हो रहा है और शिक्षकों की ऐसी उपलब्धियां संस्थान की शैक्षणिक उत्कृष्टता को नई पहचान देती हैं।
डॉ. कुलविंदर कौर की शोध परियोजना का विषय हरियाणा में भूजल संसाधनों, उनकी गुणवत्ता एवं सततता का समग्र मूल्यांकन है। इस परियोजना के अंतर्गत राज्य में भूजल की उपलब्धता, गुणवत्ता, उपयोग की वर्तमान स्थिति तथा उसके दीर्घकालिक संरक्षण एवं सतत प्रबंधन का वैज्ञानिक अध्ययन किया जाएगा। परियोजना की अवधि दो वर्ष निर्धारित की गई है। स्वीकृत बजट के अनुसार प्रथम किस्त के रूप में 8.25 लाख रुपये जारी किए जाएंगे, जबकि शेष राशि परियोजना की प्रगति तथा एचएसआरएफ के दिशानिर्देशों के अनुसार चरणबद्ध तरीके से प्रदान की जाएगी।
डॉ. कुलविंदर कौर ने बताया कि यह शोध परियोजना हरियाणा में तेजी से घटते भूजल स्तर, जल गुणवत्ता की चुनौतियों तथा जल संसाधनों के वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण आधार तैयार करेगी। अध्ययन से प्राप्त निष्कर्ष राज्य सरकार एवं नीति-निर्माताओं को भूजल संरक्षण, जल प्रबंधन तथा सतत विकास से संबंधित योजनाओं के निर्माण में उपयोगी मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।
इस अवसर पर कुलसचिव प्रो. वीरेन्द्र पाल, प्राचार्या प्रो. रीटा, प्रो. कुसुम लता तथा डॉ. संदीप उपस्थित रहे।
