कुरुक्षेत्र, 16 जुलाई। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने डॉ. मंजू शर्मा, सहायक आचार्य एवं अध्यक्ष, भूगोल विभाग, दयानंद कॉलेज, हिसार तथा डॉ. संदीप कुमार, सहायक आचार्य, भूगोल विभाग, इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीग्रेटेड एंड ऑनर्स स्टडीज़, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय द्वारा संयुक्त रूप से लिखित पुस्तक ‘हरियाणा का भूगोल’ का लोकार्पण किया।
इस अवसर पर कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने दोनों लेखकों को इस महत्वपूर्ण शैक्षणिक उपलब्धि के लिए बधाई दी। प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल डिग्रियाँ प्रदान करने का माध्यम नहीं, बल्कि ज्ञान के सृजन, संरक्षण और समाज तक उसके प्रसार का केंद्र होता है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों द्वारा लिखी गई गुणवत्तापूर्ण पुस्तकें किसी भी विश्वविद्यालय की बौद्धिक पहचान को मजबूत करती हैं और नई पीढ़ी को प्रामाणिक ज्ञान उपलब्ध कराती हैं। उन्होंने कहा कि “‘हरियाणा का भूगोल’ केवल एक पाठ्य-पुस्तक नहीं, बल्कि हरियाणा के प्राकृतिक, आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक परिदृश्य का एक प्रामाणिक दस्तावेज है। पुस्तक में नवीनतम तथ्यों, सांख्यिकीय आँकड़ों, मानचित्रों एवं विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण का समावेश इसे विशिष्ट बनाता है। प्रो. सोमनाथ ने कहा कि यह पुस्तक न केवल हरियाणा के भूगोल के अध्ययन एवं अध्यापन को नई दिशा देगी, बल्कि राज्य के संसाधनों, क्षेत्रीय असमानताओं, पर्यावरणीय चुनौतियों तथा सतत विकास की अवधारणा को समझने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
भूगोल विभाग के अध्यक्ष प्रो. ओमवीर सिंह ने कहा कि यह पुस्तक हरियाणा के भूगोल पर आधारित एक सुव्यवस्थित, तथ्यपरक एवं विद्यार्थी-हितैषी कृति है। उन्होंने कहा कि पुस्तक की सबसे बड़ी विशेषता इसका अद्यतन एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण है, जो विद्यार्थियों के साथ-साथ शोधकर्ताओं और अध्यापकों के लिए भी समान रूप से उपयोगी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पुस्तक शीघ्र ही विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में एक मानक संदर्भ पुस्तक के रूप में स्थापित होगी।
इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीग्रेटेड एंड ऑनर्स स्टडीज़ की प्राचार्या प्रो. रीटा ने दोनों लेखकों को बधाई देते हुए कहा कि यह पुस्तक उनकी शैक्षणिक प्रतिबद्धता, शोध कौशल एवं विषय के प्रति समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण है। डॉ. कुलविंदर कौर ने कहा कि पुस्तक में सरल भाषा, सटीक तथ्य, अद्यतन आँकड़े तथा प्रभावी मानचित्रों का समावेश इसे अत्यंत उपयोगी बनाता है।
इस अवसर पर डॉ. संदीप कुमार ने कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा, विश्वविद्यालय प्रशासन एवं सभी वरिष्ठ शिक्षकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ‘हरियाणा का भूगोल’ हरियाणा राज्य के भूगोल पर आधारित प्रथम समग्र एवं व्यापक पुस्तक है, जिसमें राज्य के भौतिक, आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक भूगोल के सभी प्रमुख पक्षों को नवीनतम आँकड़ों एवं वैज्ञानिक विश्लेषण के साथ एक ही स्थान पर प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने कहा कि पुस्तक का उद्देश्य विद्यार्थियों, शोधार्थियों, अध्यापकों तथा प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों को सरल, प्रमाणिक एवं अद्यतन अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराना है।
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पुस्तक में अद्यतन अध्ययन सामग्री मौजूद
डॉ. संदीप कुमार ने बताया कि यह पुस्तक हरियाणा के भौतिक, आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक भूगोल का व्यापक, समग्र एवं अद्यतन अध्ययन प्रस्तुत करती है। पुस्तक में राज्य के ऐतिहासिक विकास, भौगोलिक स्थिति, उच्चावच, जलवायु, अपवाह तंत्र, मृदा, प्राकृतिक वनस्पति, वन्यजीव, जनसंख्या, नगरीकरण, भूमि उपयोग, कृषि, खनिज संसाधन, उद्योग, परिवहन, व्यापार तथा सांस्कृतिक क्षेत्रों का वैज्ञानिक एवं विश्लेषणात्मक विवरण दिया गया है। नवीनतम आँकड़ों, मानचित्रों, सारणियों एवं चित्रों से समृद्ध यह पुस्तक स्नातक एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों, शोधार्थियों, अध्यापकों तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।
