करनाल, 15 जुलाई। कन्या भ्रूण हत्या को रोकने तथा प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए आज यहां जिला सचिवालय सभागार में एक बैठक उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इसमें उपायुक्त ने लिंग परीक्षण के गोरखधंधे में शामिल लोगों के खिलाफ शिकंजा कसने के निर्देश दिए। आईसीडीएस की जिला कार्यक्रम अधिकारी को भी निर्देश दिए कि वे आंगनवाड़ी वर्कर्स और सुपरवाइजरों के माध्यम से उन दंपतियों पर विशेष निगरानी रखें जिनके यहां पहले से एक या दो से अधिक लडक़ी हैं।
बैठक में उप सिविल सर्जन डा. नरेश करड़वाल ने बताया कि इस समय जिला में लिंगानुपात का औसत 954 है जो पिछले साल से बेहतर है। उपायुक्त ने इसमें सुधार के लिए और कदम उठाने के निर्देश दिए। उप सिविल सर्जन ने बताया कि पिछली तिमाही में पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट के तहत दो स्थानों पर छापे मारे कर दो एफआईआर दर्ज कराई गई। जिला में 89 अल्ट्रासाउंड केंद्रों की जांच की गई। अनियमितताएं पाए जाने पर तीन केंद्र संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि लिंगानुपात में सुधार के लिए प्राइवेट अस्पतालों व बीएएमएस डॉक्टरों, पंडितों, आशा वर्कर्स व अन्य संबंधित कर्मचारियों के साथ लगातार बैठकें आयोजित की गईं। उपायुक्त ने स्वास्थ्य अधिकारियों को उन गांवों में विशेष निगरानी के निर्देश दिए जहां लिंगानुपात कम है। आंगनवाड़ी वर्कर्स को भी इस दिशा में विशेष सहयोग करना चाहिए। लिंग जांच का कहीं भी मामला नोटिस में आने के बाद तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचना दें।
बैठक में सीएमओ डा. पूनम चौधरी, उप सिविल सर्जन अनु शर्मा, पीओ आईसीडीएम राजबाला मोर, जिला न्यायवादी डा. पंकज सैनी, विभिन्न सामुदायिक केंद्र के एमओ, आईसीडीएस की सुपरवाइजर आदि मौजूद दे।
