कुरुक्षेत्र, 9 जुलाई। उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 अभियान के तहत चलाए जा रहे अभियान के तहत किए गए 75.37 प्रतिशत डिजिटाइजेशन कार्य पूर्ण हो चुका है। इस कार्य को आयोग द्वारा निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी कार्य गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी एवं त्रुटिरहित ढंग से पूरा किया जाए। इसके अलावा बूथों का रेशनलाइजेशन कार्य भी निर्धारित नियमों के अनुरूप कर लिया जाए।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा 14 जुलाई समय-सीमा निर्धारित की गई है। इस अवधि से पहले ही जिला में विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े सभी कार्य पूरे कर लिए जाएं, ताकि उनकी विस्तृत समीक्षा कर किसी भी प्रकार की त्रुटि का समय रहते निराकरण किया जा सके। उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि गणना प्रपत्रों का शत-प्रतिशत डिजिटाइजेशन, एएसडीडी (एबसेंट, शिफ्टेड, डेड एवं डुप्लीकेट) श्रेणी से संबंधित कार्य हर हाल में समयबद्ध पूरा किया जाए। एएसडीडी श्रेणी के मतदाताओं की अलग सूची तैयार कर प्रत्येक मामले का निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से सत्यापन सुनिश्चित किया जाए, ताकि मतदाता सूची पूरी तरह शुद्ध एवं त्रुटिरहित बनाई जा सके।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि कुरुक्षेत्र में जहां 75.37 प्रतिशत फार्मों का डिजिटाइजेशन हुआ है, इनमें लाडवा विधानसभा में 81.65 प्रतिशत, शाहबाद विधानसभा में 86.78 प्रतिशत, थानेसर विधानसभा में 61.29 प्रतिशत, पिहोवा विधानसभा में 75.01 प्रतिशत का आंकड़ा शामिल है। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र जिले में कुल 7 लाख 83 हजार 831 मतदाताओं को लेकर एसआईआर का कार्य तेज गति के साथ किया जा रहा है। इस कार्य में 810 बीएलओ पूरी मेहनत और ईमानदारी के साथ अपनी ड्यूटी का निर्वहन कर रहे है। इन बीएलओ के अलावा विभिन्न राजनैतिक दलों द्वारा नियुक्त किए गए बीएलए भी एम्यूरेशन फार्मों के कार्य में अपना योगदान दे रहे है।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि चारों विधानसभाओं में लगभग 98.64 प्रतिशत एम्यूरेशन फार्मो के वितरण का कार्य पूरा किया जा चुका है। इसमें लाडवा विधानसभा क्षेत्र में 99.39 प्रतिशत, शाहबाद में 99.89 प्रतिशत, थानेसर में 97.58 प्रतिशत तथा पिहोवा विधानसभा में 97.96 प्रतिशत एम्यूरेशन फार्मों को घर घर जाकर लोगों तक पहुंचाया गया है। इस कार्य को पूरा करने के बाद बीएलओ एम्यूरेशन फार्मों को एकत्रित करने के साथ साथ डिजिटाइजेशन करने के लिए विशेष फोकस रखकर कार्य कर रहे है।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) अभियान की लगातार निगरानी करें। सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ), सुपरवाइजर एवं बूथ स्तर अधिकारी (बीएलओ) नियमित रूप से फील्ड में रहकर कार्य को गति दें और निर्धारित समय-सीमा में सभी कार्य पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने ईआरओ को निर्देश दिए कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की प्रतिदिन प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों से पूरी पारदर्शिता, गंभीरता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित मानदंडों के अनुरूप कार्य करने का निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि 15 जून, 2026 से 14 जुलाई, 2026 तक बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर फॉर्म बांटना व प्राप्त करना, 14 जुलाई, 2026 तक मतदान केंद्रों का युक्तिकरण (पुनर्गठन/सुधार), 21 जुलाई, 2026 तक ड्राफ्ट (प्रारूप) मतदाता सूची का प्रकाशन, 21 जुलाई, 2026 से 20 अगस्त, 2026 तक दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अवधि, 21 जुलाई, 2026 से 18 सितंबर, 2026 तक दावों और आपत्तियों का निपटारा (निस्तारण) तथा मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 22 सितंबर, 2026 को किया जाएगा।
