महापौर ने मुख्यमंत्री और शहरी स्थानीय निकाय विभाग का जताया आभार, कहा- होगा बड़ा फायदा।
चालू वित्तीय वर्ष में 18.50 करोड़ रुपये की वसूली की, सम्पत्ति कर की बकाया राशि जमा कर योजना का लाभ उठाएं नागरिक- निगमायुक्त।
करनाल 8 जुलाई,

हरियाणा सरकार के शहरी स्थानीय निकाय विभाग द्वारा संपत्ति करदाताओं को बड़ी राहत प्रदान करते हुए वर्ष 2010-11 से 2024-25 तक के लंबित संपत्ति कर बकायों पर देय ब्याज में 75 प्रतिशत की एकमुश्त छूट देने का निर्णय लिया गया है। यह छूट उन करदाताओं को मिलेगी, जो 31 अगस्त 2026 तक अपना बकाया संपत्ति कर एकमुश्त जमा करवाएंगे। इसके लिए सम्पत्ति कर बकाया भुगतान एवं बेबाकी प्रमाण-पत्र प्रबंधन प्रणाली पोर्टल पर अपनी संपत्ति को स्व-प्रमाणीकरण करना होगा।
महापौर रेणु बाला गुप्ता ने कहा कि इस राहतकारी घोषणा के बाद शहर के आम नागरिकों, व्यापारियों और समाजसेवियों में खुशी की लहर है। नागरिकों का कहना है कि इससे उन्हें बरसों पुराने विवादों और बकाये से मुक्ति मिलेगी। उन्होंने शहरवासियों से अपील करते कहा कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना जल्द से जल्द पोर्टल पर अपनी प्रॉपर्टी को सेल्फ-सर्टिफाई करें और 75 प्रतिशत ब्याज माफी का लाभ उठाएं।
उन्होंने बताया कि जारी अधिसूचना के अनुसार 75 प्रतिशत ब्याज छूट का लाभ उठाने के लिए टैक्स दाताओं को 31 अगस्त 2026 तक अपना पूरा बकाया संपत्ति कर जमा करवाना होगा। जो नागरिक इस निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना टैक्स और बकाया जमा नहीं करेंगे, उन पर नियम अनुसार 1.5 प्रतिशत प्रति मास या उसके भाग के लिए ब्याज प्रभारित किया जाएगा। इसलिए शहरवासियों के पास अपना पुराना टैक्स बिना भारी ब्याज के भरने का यह सुनहरा मौका है।
नगर निगम आयुक्त सलोनी शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार की इस विशेष योजना का उद्देश्य अधिक से अधिक संपत्ति मालिकों को राहत प्रदान करना तथा लंबित करों की वसूली सुनिश्चित करना है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे योजना की अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना शीघ्र अपना बकाया कर जमा कर इस महत्वपूर्ण छूट का लाभ उठाएं।
उन्होंने बताया कि नगर निगम करनाल द्वारा चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 18.50 करोड़ रुपये की संपत्ति कर वसूली की जा चुकी है। चालू वित्तीय वर्ष के लिए नगर निगम द्वारा 30 करोड़ रुपये संपत्ति कर संग्रह का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य को समय पर प्राप्त करने के लिए निगम द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
स्व-प्रमाणीकरण कराना भी आवश्यक।
उन्होंने कहा कि ब्याज में 75 प्रतिशत की छूट का लाभ प्राप्त करने के लिए संपत्ति कर का भुगतान करने के साथ-साथ संबंधित संपत्ति का स्व-प्रमाणीकरण (सेल्फ सर्टिफिकेशन) भी अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि स्व-प्रमाणीकरण से संपत्ति कर आई.डी. भी सुरक्षित हो जाती है और कोई अन्य व्यक्ति उससे छेडख़ानी नहीं कर सकता।
बकायादारों से समय रहते भुगतान करने की अपील।
निगमायुक्त ने सभी बकायादार संपत्ति मालिकों से आग्रह किया कि वे 31 अगस्त 2026 से पूर्व अपना बकाया संपत्ति कर जमा कर राज्य सरकार द्वारा दी जा रही ब्याज माफी योजना का अधिकतम लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि निर्धारित अवधि के बाद ब्याज देय होगा तथा नियमानुसार वसूली की कार्रवाई भी की जाएगी।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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