हिंदू महा सम्मेलन में महापौर ने की सहभागिता, राष्ट्र सेवा और सांस्कृतिक जागरूकता का संदेश
धर्म, संस्कृति और राष्ट्रीय मूल्यों के संरक्षण के लिए जनभागीदारी बढ़ाने का किया आह्वान
करनाल। महापौर रेणु बाला गुप्ता ने कहा कि सनातन संस्कृति हमारी पहचान, सामाजिक समरसता हमारी सबसे बड़ी शक्ति और राष्ट्र सेवा प्रत्येक नागरिक का परम कर्तव्य है। अपनी गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत, राष्ट्रीय मूल्यों और सामाजिक सद्भाव को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
महापौर रेणु बाला गुप्ता ने ये विचार रविवार को पुरानी सब्जी मंडी में बजरंग दल, गौ रक्षक एवं विभिन्न धार्मिक संगठनों द्वारा आयोजित हिंदू महा सम्मेलन में मुख्य रूप से सहभागिता करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सांस्कृतिक चेतना, राष्ट्रीय भावना, सामाजिक समरसता और सेवा संस्कारों को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं। जब समाज अपनी संस्कृति और मूल्यों के प्रति जागरूक रहता है, तभी राष्ट्र निरंतर प्रगति और विकास के मार्ग पर आगे बढ़ता है।
महापौर ने कहा कि सनातन संस्कृति विश्व को मानवता, सहिष्णुता, सेवा, करुणा और “वसुधैव कुटुंबकम्” का संदेश देती है। उन्होंने आह्वान किया कि सभी नागरिक सामाजिक सौहार्द, राष्ट्रीय एकता और जनसेवा की भावना के साथ मिलकर राष्ट्र निर्माण में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाएं तथा आने वाली पीढ़ियों तक अपनी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को सुरक्षित पहुंचाने का संकल्प लें।
इस अवसर पर महापौर रेणु बाला गुप्ता ने वाल्मीकि महासभा के प्रदेश सचिव आकाश शिरसवाल, मोनी कालिरमन, साहिल राणा, साहिल, अंकित राणा, राजेश कुमार सहित सभी पदाधिकारियों एवं उपस्थित समाजबंधुओं द्वारा दिए गए आत्मीय स्वागत, स्नेह और सम्मान के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया।
इन विषयों पर हुआ विमर्श
सम्मेलन के दौरान सनातन संस्कृति के संरक्षण, हिंदू समाज की एकता, राष्ट्रहित, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक विचार-विमर्श हुआ। बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने धर्म, संस्कृति एवं राष्ट्रीय मूल्यों के संरक्षण तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय सहभागिता का संकल्प व्यक्त किया।
