मतदाताओं के (गणना प्रपत्र)फार्म डिजिटलाइजेशन के कार्य में तेजी लाए : डीसी
करनाल, 5 जुलाई। डीसी डॉ आनंद कुमार शर्मा ने रविवार को लघु सचिवालय में स्थापित फार्म डिजिटलाइजेशन सुविधा केंद्र का औचक निरीक्षण किया और कार्य व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि मतदाताओं के (गणना प्रपत्र)फार्म डिजिटलाइजेशन के कार्य में तेजी लाए और करनाल विधानसभा क्षेत्र के जिन बीएलओ को फार्म डिजिटलाइजेशन करने में असुविधा होती है, तो वे इस सुविधा केंद्र में आकर फार्म डिजिटलाइजेशन का कार्य करवा सकते है। इस सुविधा केंद्र में बीएलओ के सहयोग के लिए करीब 55 कर्मचारी तैनात किए गए है।
उन्होंने बताया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर-2026) का कार्य जोरों पर है। इस अभियान के अंतर्गत बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) अपने-अपने मतदान केंद्र के अंतर्गत आने वाले सभी मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित करने के उपरांत, अब प्रपत्र भरवाकर वापिस प्राप्त कर रहे है तथा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उनका डिजिटलाइजेशन करने का कार्य जारी है। सभी मतदाताओं को अपना गणना प्रपत्र संबंधित बीएलओ को अवश्य उपलब्ध कराना चाहिए ताकि मतदाता सूची का शुद्धिकरण हो सके। मतदाता सूची से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए अपने क्षेत्र के बीएलओ को ईसीआईएनईटी ऐप से बुक या कॉल फिर टोल फ्री नम्बर 1950 के माध्यम से सम्पर्क कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार हरियाणा राज्य में मतदाता सूची के शुद्धिकरण और पारदर्शिता के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान 14 जुलाई तक बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन का कार्य करेंगे। इस दौरान किसी भी पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से काटा नहीं जाएगा, केवल अपात्र व्यक्ति का नाम नोटिस जारी करने की प्रक्रिया अपनाते हुए मतदाता सूची से हटाया जाएगा। इसके अलावा 1 जुलाई 2026 को क्वालिफाइंग तिथि मानकर 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहे युवा भी अपनी वोट बनवा सकेंगे और मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि 21 जुलाई को मतदाता सूची का ड्राफ्ट प्रकाशन होगा तथा 21 जुलाई से 20 अगस्त तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। जिनका निपटारा संबंधित ईआरओ द्वारा 18 सितंबर 2026 तक किया जाएगा। ईआरओ के निर्णय से असंतुष्ट होने पर मतदाता जिला निर्वाचन अधिकारी को दावे एवं आपत्तियां दर्ज करवा सकता है। इस निर्णय के विरूद्ध भी राज्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी को आपत्ति दर्ज करवा सकते है। मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 22 सितंबर 2026 को किया जाएगा।
वोट काटना नहीं, शुद्धिकरण है एसआईआर का उद्देश्य,अफवाहों पर न दें ध्यान
डीसी डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने कहा कि इस अभियान के तहत किसी भी वैध मतदाता की वोट को काटा नहीं जा रहा है, बल्कि यह केवल शुद्धिकरण की प्रक्रिया है ताकि डुप्लीकेट वोटों को हटाया जा सके और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित हो सकें। यदि किसी को प्रक्रिया से कोई शिकायत होती है, तो वे तय समयानुसार प्रथम अपील और उसके बाद जिला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष अपील दायर कर सकते हैं। उन्होंने करनाल की जनता से अपील की कि वे इस लोकतांत्रिक अभियान में बढ़-चढकर भाग लें, अपने वोट की जांच करें और जिन पात्र नागरिकों ने अब तक अपना वोटर आईडी कार्ड नहीं बनवाया है, वे तुरंत अपने बीएलओ या निर्वाचन कार्यालय से संपर्क कर अपनी वोट अवश्य बनवाएं।
इस मौके पर एडीसी डॉ. राहुल रईया, एसीयूटी सोहम शैलेंद्र मौजूद रहे।
