रेवाड़ी में अग्रवाल वैश्य समाज के जिला अध्यक्ष नवीन सिंघल और उनकी महिला टीम ने पंचमुखी हनुमान मंदिर सोलह राही में अपराजिता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम का विषय था घरेलू हिंसा से बचाव और सहायता। इसमें कानूनी विधि सेवा प्राधिकरण की सदस्य प्रियंका यादव ने सभी उपस्थिति महिलाओ को महिलाओ के कानून और उनके अधिकारों की जानकारी दी तथा उनके साथ अपने विचार साँझा किए तथा उन्हें जागरूक किया गया। इस मौके पर जिला अध्यक्ष नवीन सिंघल ने सभी वैश्य समाज के लोगों को अग्रवाल वैश्य समाज से जुड़ने का आग्रह किया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी महिलाओं ने अपने अपने विचार रखे। रेवाड़ी जिला अध्यक्ष नवीन सिंघल ने विधि प्राधिकरण से आयी प्रियंका यादव और अपनी पूरी टीम का इस अच्छे और उपयोगी कार्यक्रम के लिए धन्यवाद किया। अग्रवाल वैश्य समाज की जिला महिला जिला उपाध्यक्ष दीपिका अग्रवाल, जिला महिला कोषाध्यक्ष गरिमा मित्तल, रेवाड़ी विधानसभा अध्यक्ष रेखा अग्रवाल, एडवोकेट आशा मंगला, पूजा गुप्ता, रिंकी अग्रवाल, आचल अग्रवाल, कविता अग्रवाल, ललिता अग्रवाल, कुसुम अग्रवाल, मंजु गुप्ता अग्रवाल वैश्य समाज की टीम समय-समय पर ऐसे अच्छे-अच्छे कार्यक्रम करती रहती है। बाइट्स :: दीपिका अग्रवाल रेखा अग्रवाल आदि।

By Dr. Rajesh Wadhwa

778-779, Partap Colony, Railway Road, Near Rudra Cinema, Opp Chaat King India Row, Kurukshetra 136118 Mob. 9896352867, 9467040367

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सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार के लिए 31 जुलाई तक करें आवेदन : गुरविंद्र सिंहपिहोवा 1 जुलाई – उपमंडल अधिकारी नागरिक गुरविंद्र सिंह ने कहा कि गणतंत्र दिवस 2027 के अवसर पर घोषित किए जाने वाले पद्म पुरस्कारों नामत: पद्म विभूषण, पद्म भूषण व पद्मश्री के लिए ऑनलाइन नामांकन करने के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं, जिसके लिए अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 है। नामांकन अथवा अनुशंसा केवल राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल अवार्ड.जीओवी.इन पर ऑनलाइन ही स्वीकार की जाएंगी। एसडीएम गुरविंद्र सिंह ने बताया कि नामांकन करने वाले व्यक्ति द्वारा एक व्याख्यात्मक प्रशस्ति-पत्र (अधिकतम 800 शब्द) जिसमें अनुशंसित व्यक्ति की संबंधित क्षेत्र/विषय में विशिष्ट और अन्य उपलब्धियों/सेवाओं का स्पष्ट उल्लेख हो, प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने बताया कि महिलाओं, समाज के कमजोर वर्गों, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों, दिव्यांग लोगों तथा समाज की निस्वार्थ सेवा करने वाले लोगों में से उन प्रतिभावान व्यक्तियों की पहचान हेतु मिलकर प्रयास किए जाएं, जो उत्कृष्टता और वास्तव में सम्मान की हकदार है। उन्होंने बताया कि कि पद्म पुरस्कार अर्थात् पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्मश्री, देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों में से हैं। वर्ष 1954 में स्थापित इन पुरस्कारों की घोषणा हर वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर की जाती है। यह पुरस्कार कला, साहित्य और शिक्षा, खेल, चिकित्सा, सामाजिक कार्य, विज्ञान और इंजीनियरिंग, सार्वजनिक कार्य, नागरिक सेवाओं, व्यापार और उद्योग जैसे सभी क्षेत्रों/विषयों में विशिष्ट और असाधारण उपलब्धियों/सेवाओं के लिए उत्कृष्ट-कार्य को मान्यता प्रदान करने के लिए प्रदान किए जाते हैं। जाति, व्यवसाय, पद या लैंगिक भेदभाव के बिना सभी व्यक्ति इन पुरस्कारों के लिए पात्र हैं। डॉक्टर और वैज्ञानिकों को छोडक़र सार्वजनिक उपक्रमों में काम करने वाले सरकारी कर्मचारी पद्म पुरस्कार के लिए पात्र नहीं हैं। इस संबंध में और अधिक विवरण वेबसाइट पदमा अवाड.र्जीओवी.इन पर उपलब्ध है।