पिहोवा 1 जुलाई – उपमंडल अधिकारी नागरिक गुरविंद्र सिंह ने कहा कि ‘नशा मुक्त भारत 2047’ अभियान के तहत केंद्र सरकार द्वारा नशीली दवाओं के दुरुपयोग और नार्कोटिक्स तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अहम कदम उठाया गया है। इस दिशा में गृह मंत्रालय द्वारा नेशनल नारकोटिक्स हेल्पलाइन -1933 संचालित किया जा रहा है। यह हेल्पलाइन नंबर 24 घंटे प्रतिदिन सक्रिय रहता है और नागरिकों को किसी भी समय नशीली दवाओं से संबंधित अपराधों की जानकारी साझा करने की सुविधा दे रहा है।
एसडीएम गुरविंद्र सिंह ने कहा कि नशे से संबंधित सूचना देने वाले व्यक्तियों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी, जिससे लोग बिना किसी डर या संकोच के नशीली दवाओं के अवैध व्यापार से जुड़ी जानकारी साझा कर सकें। उन्होंने बताया कि यह पहल न केवल समाज में व्याप्त नशे की प्रवृत्ति को नियंत्रित करने में सहायक सिद्ध होगी, बल्कि इससे युवाओं को भी इस बुराई से बचाने में बल मिलेगा। केंद्र सरकार का उद्देश्य वर्ष 2047 तक भारत को पूरी तरह से नशा मुक्त बनाना है और इस दिशा में जन-सहयोग को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि यदि उन्हें किसी प्रकार की नशीली दवाओं के व्यापार, तस्करी की जानकारी हो, तो वे गृह मंत्रालय द्वारा नेशनल नारकोटिक्स हेल्पलाइन नंबर 1933 पर तुरंत सूचित करें।

By Dr. Rajesh Wadhwa

778-779, Partap Colony, Railway Road, Near Rudra Cinema, Opp Chaat King India Row, Kurukshetra 136118 Mob. 9896352867, 9467040367

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सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार के लिए 31 जुलाई तक करें आवेदन : गुरविंद्र सिंहपिहोवा 1 जुलाई – उपमंडल अधिकारी नागरिक गुरविंद्र सिंह ने कहा कि गणतंत्र दिवस 2027 के अवसर पर घोषित किए जाने वाले पद्म पुरस्कारों नामत: पद्म विभूषण, पद्म भूषण व पद्मश्री के लिए ऑनलाइन नामांकन करने के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं, जिसके लिए अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 है। नामांकन अथवा अनुशंसा केवल राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल अवार्ड.जीओवी.इन पर ऑनलाइन ही स्वीकार की जाएंगी। एसडीएम गुरविंद्र सिंह ने बताया कि नामांकन करने वाले व्यक्ति द्वारा एक व्याख्यात्मक प्रशस्ति-पत्र (अधिकतम 800 शब्द) जिसमें अनुशंसित व्यक्ति की संबंधित क्षेत्र/विषय में विशिष्ट और अन्य उपलब्धियों/सेवाओं का स्पष्ट उल्लेख हो, प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने बताया कि महिलाओं, समाज के कमजोर वर्गों, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों, दिव्यांग लोगों तथा समाज की निस्वार्थ सेवा करने वाले लोगों में से उन प्रतिभावान व्यक्तियों की पहचान हेतु मिलकर प्रयास किए जाएं, जो उत्कृष्टता और वास्तव में सम्मान की हकदार है। उन्होंने बताया कि कि पद्म पुरस्कार अर्थात् पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्मश्री, देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों में से हैं। वर्ष 1954 में स्थापित इन पुरस्कारों की घोषणा हर वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर की जाती है। यह पुरस्कार कला, साहित्य और शिक्षा, खेल, चिकित्सा, सामाजिक कार्य, विज्ञान और इंजीनियरिंग, सार्वजनिक कार्य, नागरिक सेवाओं, व्यापार और उद्योग जैसे सभी क्षेत्रों/विषयों में विशिष्ट और असाधारण उपलब्धियों/सेवाओं के लिए उत्कृष्ट-कार्य को मान्यता प्रदान करने के लिए प्रदान किए जाते हैं। जाति, व्यवसाय, पद या लैंगिक भेदभाव के बिना सभी व्यक्ति इन पुरस्कारों के लिए पात्र हैं। डॉक्टर और वैज्ञानिकों को छोडक़र सार्वजनिक उपक्रमों में काम करने वाले सरकारी कर्मचारी पद्म पुरस्कार के लिए पात्र नहीं हैं। इस संबंध में और अधिक विवरण वेबसाइट पदमा अवाड.र्जीओवी.इन पर उपलब्ध है।