पंचकूला। पुलिस ने मानव तस्करी रैकेट का पर्दाफाश करते हुए दो नाबालिग लड़कियों की जिंदगी बर्बाद होने से बचा ली। पुलिस ने महिला समेत दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोपित दोनों नाबालिगों को घूमाने, पैसे और नौकरी का लालच देकर मानव तस्करी और देहव्यापार में धकेलने वाले थे।

उनकी इस साजिश का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि दोनों आरोपित योजना के तहत नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गए थे और उन्हें आगे दूसरे स्थान पर ले जाकर बेचने और देहव्यापार में धकेलने की तैयारी कर रहे थे।
डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता के अनुसार यह मामला 26 जून को पीड़ित परिजनों की शिकायत पर दर्ज किया गया था। परिजनों ने आरोप लगाया कि उनकी दो नाबालिग बेटियों को उनके पड़ोस में रहने वाली एक महिला घूमाने और पैसों का लालच देकर अपने साथ ले गई थी।

जांच के दौरान पुलिस टीम ने पहले महिला को गिरफ्तार किया। पुलिस रिमांड के दौरान उससे पूछताछ के बाद वारदात में शामिल दूसरे आरोपित युवक को हिमाचल प्रदेश से गिरफ्तार किया गया। वारदात में प्रयोग की गई स्कूटी भी बरामद कर ली गई।

डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता के अनुसार दोनों आरोपित नाबालिग लड़कियों को पहले बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गए, फिर उन्हें होटल में रखा गया और इसके बाद चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के रास्ते दिल्ली ले जाने की योजना बनाई गई थी। दोनों आरोपितों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

By Dr. Rajesh Wadhwa

778-779, Partap Colony, Railway Road, Near Rudra Cinema, Opp Chaat King India Row, Kurukshetra 136118 Mob. 9896352867, 9467040367

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार के लिए 31 जुलाई तक करें आवेदन : गुरविंद्र सिंहपिहोवा 1 जुलाई – उपमंडल अधिकारी नागरिक गुरविंद्र सिंह ने कहा कि गणतंत्र दिवस 2027 के अवसर पर घोषित किए जाने वाले पद्म पुरस्कारों नामत: पद्म विभूषण, पद्म भूषण व पद्मश्री के लिए ऑनलाइन नामांकन करने के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं, जिसके लिए अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 है। नामांकन अथवा अनुशंसा केवल राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल अवार्ड.जीओवी.इन पर ऑनलाइन ही स्वीकार की जाएंगी। एसडीएम गुरविंद्र सिंह ने बताया कि नामांकन करने वाले व्यक्ति द्वारा एक व्याख्यात्मक प्रशस्ति-पत्र (अधिकतम 800 शब्द) जिसमें अनुशंसित व्यक्ति की संबंधित क्षेत्र/विषय में विशिष्ट और अन्य उपलब्धियों/सेवाओं का स्पष्ट उल्लेख हो, प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने बताया कि महिलाओं, समाज के कमजोर वर्गों, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों, दिव्यांग लोगों तथा समाज की निस्वार्थ सेवा करने वाले लोगों में से उन प्रतिभावान व्यक्तियों की पहचान हेतु मिलकर प्रयास किए जाएं, जो उत्कृष्टता और वास्तव में सम्मान की हकदार है। उन्होंने बताया कि कि पद्म पुरस्कार अर्थात् पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्मश्री, देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों में से हैं। वर्ष 1954 में स्थापित इन पुरस्कारों की घोषणा हर वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर की जाती है। यह पुरस्कार कला, साहित्य और शिक्षा, खेल, चिकित्सा, सामाजिक कार्य, विज्ञान और इंजीनियरिंग, सार्वजनिक कार्य, नागरिक सेवाओं, व्यापार और उद्योग जैसे सभी क्षेत्रों/विषयों में विशिष्ट और असाधारण उपलब्धियों/सेवाओं के लिए उत्कृष्ट-कार्य को मान्यता प्रदान करने के लिए प्रदान किए जाते हैं। जाति, व्यवसाय, पद या लैंगिक भेदभाव के बिना सभी व्यक्ति इन पुरस्कारों के लिए पात्र हैं। डॉक्टर और वैज्ञानिकों को छोडक़र सार्वजनिक उपक्रमों में काम करने वाले सरकारी कर्मचारी पद्म पुरस्कार के लिए पात्र नहीं हैं। इस संबंध में और अधिक विवरण वेबसाइट पदमा अवाड.र्जीओवी.इन पर उपलब्ध है।