पंचकूला। जिला प्रशासन ने सड़क सुरक्षा, ट्रैफिक व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को लेकर बड़ा एक्शन प्लान तैयार कर लिया है। जिला सड़क सुरक्षा समिति एवं सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी की बैठक में उपायुक्त सतपाल शर्मा ने अधिकारियों को कई अहम निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट कहा कि शहर में अव्यवस्था और लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में सबसे बड़ा फैसला रायपुररानी, बरवाला और पंचकूला की भीड़भाड़ वाली मार्केटों से रेहड़ी-फड़ी हटाने का लिया गया। सेक्टर-4 और सेक्टर-21 के आसपास लगातार मिल रही लूटपाट की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने पुलिस विभाग को इन क्षेत्रों में रात के समय गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए।
एसीपी सुरेंद्र सिंह को विशेष अभियान चलाकर लूटपाट करने वाले बदमाशों की धरपकड़ करने तथा चार दिन के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए। वहीं, सुरक्षित स्कूल वाहन पालिसी की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
उन्होंने आरटीए को निर्देश दिए कि सभी स्कूल बसों का नियमित निरीक्षण किया जाए और जिन बसों में सुरक्षा उपकरण, प्राथमिक उपचार किट या अन्य निर्धारित मानक पूरे नहीं हैं, उनके खिलाफ अधिक से अधिक चालान कर सख्त कार्रवाई की जाए।
बैठक में आरटीए सचिव हैरतजीत कौर ने बताया कि मई माह में 65 स्कूल बसों की जांच की गई, जिनमें चार बसों के सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर चालान किए गए। विभाग लगातार स्कूल वाहनों की मॉनिटरिंग कर रहा है।
खराब सीसीटीवी तुरंत ठीक करने के आदेश
उपायुक्त ने नगर निगम को निर्देश दिए कि शहर में जहां-जहां सीसीटीवी कैमरे बंद पड़े हैं, उन्हें तुरंत दुरुस्त किया जाए ताकि अपराधों पर प्रभावी निगरानी रखी जा सके। साथ ही ट्रैफिक सिग्नलों पर भीख मांगने वालों को हटाने और इस पर नियमित निगरानी रखने के निर्देश पुलिस विभाग को दिए।
ओल्ड पंचकूला में अवैध टैक्सियों पर कार्रवाई
ओल्ड पंचकूला के आसपास अवैध रूप से खड़ी टैक्सियों और निजी सवारी वाहनों पर भी प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उपायुक्त ने पुलिस और संबंधित विभागों को ऐसे वाहनों के चालान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन वाहनों के कारण भीड़ बढ़ती है और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
दुर्घटना के बाद तुरंत मिले प्राथमिक उपचार
उपायुक्त ने कहा कि जिला सड़क सुरक्षा समिति का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और मृत्यु दर को घटाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी सड़क दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति को बिना देरी नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया जाए ताकि समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बचाई जा सके। बैठक में एसडीएम चंद्रकांत कटारिया, आरटीए सचिव हैरतजीत कौर, एसीपी सुरेंद्र सिंह, डीडीपीओ विशाल पराशर, पीएमडीए, एनएचएआई, एचएसवीपी, नगर निगम, शिक्षा विभाग, पीडब्ल्यूडी (बी एंड आर) सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
