चंडीगढ़। हरियाणा कांग्रेस के नव नियुक्त प्रभारी संजय सतीशचंद्र दत्त ने राज्य में संगठन का कामकाज संभाल लिया है। महाराष्ट्र से रविवार को दिल्ली पहुंचे संजय दत्त ने लगातार दो दिन कांग्रेस के शीर्ष नेताओं से मुलाकात की और हरियाणा के कामकाज के बारे में जरूरी दिशा निर्देश प्राप्त किए। अब संजय दत्त अगले दो दिन यानी मंगलवार और बुधवार दिल्ली में हरियाणा के कांग्रेस नेताओं से मुलाकात करेंगे।
संजय दत्त ने अपने दो दिन दिल्ली में रहने की सूचना हरियाणा के कांग्रेस नेताओं को भेज दी है। नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में यह मुलाकातें होंगी। हरियाणा कांग्रेस के निवर्तमान प्रभारी बीके हरिप्रसाद को कर्नाटक का अध्यक्ष बनाने के बाद संजय दत्त को राज्य कांग्रेस का नया प्रभारी बनाया गया है।
उनके सामने गुटों में बंटे कांग्रेस नेताओं को एकजुट करने की बड़ी चुनौती है। कांग्रेस में वरिष्ठता के हिसाब से देखा जाए तो जिन नेताओं को एकजुट करने की जिम्मेदारी संजय दत्त को सौंपी गई है, वे सभी उनसे काफी सीनियर हैं।
संजय दत्त अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव और पूर्व विधानसभा परिषद सदस्य रह चुके हैं। उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला, पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा, पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह और पूर्व सिंचाई मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव के साथ काम करना है। रणदीप सिंह सुरजेवाला कर्नाटक कांग्रेस के प्रभारी हैं, जबकि कुमारी सैलजा उत्तराखंड कांग्रेस की प्रभारी हैं।
कांग्रेस प्रभारी संजय दत्त नई दिल्ली में मंगलवार को सुबह दस बजे से शाम साढ़े सात बजे तक और बुधवार को शाम साढ़े पांच बजे तक हरियाणा कांग्रेस के नेताओं से मुलाकात करेंगे।
कांग्रेस को एकजुट करने के लिए सुझाव, एसआइआर अभियान, प्रदेश कमेटी में नियुक्तियों और ब्लाक अध्यक्षों के गठन समेत कई मुद्दों पर बातचीत होनी तय है। नई दिल्ली में इन मुलाकात के बाद कांग्रेस प्रभारी जल्दी ही चंडीगढ़ में कांग्रेस की राज्य स्तरीय बैठक बुला सकते हैं। इसकी रूपरेखा दिल्ली में ही तय की जाएगी।
किसी गुट की छाप नहीं होना संजय दत्त की बड़ी ताकत
संजय सतीशचंद्र दत्त महाराष्ट्र कांग्रेस के अनुभवी नेता हैं। संगठनात्मक कार्यों का लंबा अनुभव होने के कारण पार्टी नेतृत्व ने उन्हें हरियाणा जैसे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य की जिम्मेदारी सौंपी है।
संजय दत्त के सामने हरियाणा कांग्रेस के संगठन को सक्रिय करना, गुटबाजी पर नियंत्रण बनाए रखना, जिला और ब्लाक स्तर पर संगठन को मजबूत करना तथा आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों और चुनावी तैयारियों को गति देना प्रमुख चुनौती होगी। वे तमिलनाडु और मध्य प्रदेश के सह प्रभारी भी रह चुके हैं। किसी भी किसी भी स्थानीय गुट से सीधे जुड़े नहीं होना हरियाणा में संजय दत्त की सबसे बड़ी ताकत है।
