कुरुक्षेत्र, 24 जून। उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि प्रदेश सरकार ने निर्णय लिया है कि गीता की धरती कुरुक्षेत्र में वैदिक ज्ञान एवं आधुनिक मैनेजमेंट की शिक्षा के लिए एक सेंटर ऑफ एक्सिलेंस बनाया जाए। इस सेंटर में वैदिक कृषि, पारंपरिक धंधे, कारीगरी, आधुनिक मैनेजमेंट प्रणाली का एक समेकित संस्थान हमारे समग्र चिंतन का आधार होगा। इस सेंटर को कुरुक्षेत्र के गांव मथाना में हिसार स्थित हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के तहत बनाया जाएगा। इसके लिए प्रदेश सरकार ने 150 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा बुधवार को गांव मथाना में बनाए जाने वाले सेंटर को लेकर जगह का निरीक्षण कर रहे थे। इस दौरान उनके साथ डीडीपीओ विकास, बीडीपीओ रूबल व अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि इस केंद्र को सुकृत नाम दिया गया है। इसमें कौशल विकास एवं प्रबंधन, उद्यमिता, कृषि, शोध, नवसृजन और प्रौद्योगिकी को शामिल किया जाएगा। युवा यहां पर कृषि से संबंधित विषयों के डिप्लोमा से ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट और पीएचडी तक की पढ़ाई को शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस प्रदेश में एक रचनात्मक वातावरण बनाने के साथ-साथ विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पैदा करेगा। इसके साथ ही यह सेंटर स्किल डेवलपमेंट के नए आयाम खोलेगा और अपनी समृद्ध परंपराओं को आधुनिक परिवेश में ढालेगा।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि यह केंद्र हमारे युवाओं व महिलाओं की छिपी प्रतिभा को तराशने व उभारने का काम करेगा। प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत व वोकल फॉर लोकल के आह्वान का मजबूत स्तंभ बनेगा। आज हमारे शहर भी दुनिया भर में अपनी प्रतिभा का डंका बजा रहे हैं। हरियाणा प्रदेश देश को विश्व-स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर दे रहे हैं। हरियाणा में एक ऐसे संस्थान की जरूरत है, जहां परंपराओं और आधुनिकता का बेजोड़ संगम हो।
