कुरुक्षेत्र, 12 जून। उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि सीएम विंडो की शिकायत से पीएमएवाई की पहली किस्त एक अयोग्य पात्र को देने की मिली जानकारी पर दो कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कर्मचारियों के जवाब आने पर आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके साथ ही गलत किश्त लेने वाले नागरिक से रिकवरी करने की कार्रवाई भी शुरू कर दी है।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा शुक्रवार को लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित सीएम विंडो की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सबसे पुरानी 10 शिकायतों को 17 जून तक निपटाकर एटीआर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इससे पूर्व मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से सीएम विंडो की शिकायतों पर प्रदेशभर के उपायुक्तों के साथ समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को कुछ आवश्यक निर्देश दिए।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि 42 शिकायतें ऐसी हैं, जिनकी एक साल से एटीआर पेंडिंग हैं। इन शिकायतों का निपटान संबंधित विभाग प्राथमिकता के आधार पर करना सुनिश्चित करे। इसी तरह 71 शिकायतों को 90 दिनों से ज्यादा, 107 शिकायतों को 60 दिन से ज्यादा और 3 शिकायतों का 30 दिन से ज्यादा का समय हो गया है। उन्होंने कहा कि जिला में कुल 51499 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, इनमें से 1932 शिकायतें पेंडिंग हैं, 46856 शिकायतों को डिस्पोज ऑफ और 49567 शिकायतें बंद की जा चुकी हैं। हेड कार्यालय से 14963 नागरिकों के फीडबैक में से केवल मात्र 4085 ने ही संतुष्टि जाहिर की है।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि सभी विभागों के अधिकारी शिकायत को पूरी गंभीरता के साथ लेते हुए समाधान करना सुनिश्चित करे। शिकायत का समाधान करते समय प्रार्थी को संतुष्ट करे, ताकि प्रार्थी को एक ही शिकायत बार बार समाधान शिविर या सीएम विंडों पर ना लगानी पडे। सभी अधिकारी शिकायत करने वाले प्रार्थी को बुलाकर उसकी समस्या का समाधान करना सुनिश्चित करे।
उन्होंने कहा कि निर्धारित समय अवधि से ज्यादा समय तक लंबित रहने वाली शिकायतों का निपटारा जल्द से जल्द करना किया जाए और अधिकारी समाधान करने उपरांत पोर्टल पर एक्शन टेकन रिपोर्ट अपलोड करना सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि समस्याओं का समाधान कर उसकी एटीआर भी पोर्टल पर अपलोड करें। समाधान शिविर में आने वाली शिकायतों की पोर्टल पर डिटेल जानकारी अपडेट करें, ताकि शिकायतें दोबारा ओपन न हो। अधिकारियों की रिमाक्र्स स्पष्ट ना होने के कारण शिकायतों की पेंडिंग में संख्या ज्यादा होती है। इनको कम करने के लिए जांच रिपोर्ट भरकर विस्तृत जानकारी पोर्टल पर अपडेट करें। जिन शिकायतों का समाधान संभव नहीं है उन शिकायतों को जांच रिपोर्ट के साथ तुरंत प्रभाव से रिजेक्ट करें और पोर्टल पर डाटा अपडेट करें।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि सोमवार व वीरवार को उपमंडल और जिला स्तर पर सुबह 10 से 12 बजे तक समाधान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी स्वयं जुडकर प्रदेश के विभिन्न जिलों के लोगों की शिकायतों को सुनते हैं। साथ ही मुख्यमंत्री कार्यालय से समीक्षा भी की जाती है। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि वो समाधान शिविर में आने वाले शिकायतों को गंभीरता से लें और शिकायतों का समयबद्ध तरीके से समाधान करें।
इस मौके पर एसडीएम अमन कुमार, नगराधीश आशीष कुमार, डीएसपी सुनील कुमार सहित अन्य विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।
