कुरुक्षेत्र, 31 मई : जग ज्योति दरबार में महंत राजेंद्र पुरी की चल रही कठोर पंच धूणी तपस्या के दर्शनों के लिए रविवार को भी भारी संख्या में श्रद्धालु आस्था व भक्ति भाव के साथ पहुंचे। अग्नि तपस्या में बैठे महंत राजेंद्र पुरी ने श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देते हुए गौ सेवा अभियान में शामिल होने की बात कही। उन्होंने कहा कि गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने की मांग निरंतर की जा रही है। गाय को माता के रूप में देखा जाता है क्योंकि वह दूध, घी, गोबर और गौमूत्र जैसी जीवनोपयोगी चीजें प्रदान करती है। यह मांग केवल धार्मिक नहीं बल्कि पर्यावरण और कृषि के लिए भी की जाती है। महंत राजेंद्र पुरी की प्रेरणा से श्रद्धालुओं ने अग्नि तपस्या की परिक्रमा करते हुए गौ माता के भजनों का गुणगान किया। महंत राजेंद्र पुरी ने कहा कि श्रद्धालुओं द्वारा गौ माता के भजनों का गुणगान गाय की महिमा और उसके महत्व को दर्शाता है। गाय को हिंदू धर्म में माता का दर्जा दिया गया है और उसकी सेवा को पुण्य माना जाता है। गौ माता के भजनों में श्रद्धालुओं की गाय के प्रति प्रेम, श्रद्धा और भक्ति व्यक्त हो रही है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में गौ सेवा को बहुत महत्व दिया गया है। गौ सेवा को तपस्या के समान ही माना जाता है। गाय को माता और पूजनीय माना जाता है क्योंकि वेदों और पुराणों में गाय को 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास बताया गया है। गौ सेवा से व्यक्ति को सुख, शांति, और समृद्धि प्राप्त होती है। गाय की सेवा करने से व्यक्ति को धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति होती है। महंत राजेंद्र पुरी ने कहा कि जग ज्योति दरबार का गौ सेवा प्रेरणा का अभियान निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि गौ सेवा और तपस्या दोनों ही व्यक्ति को आध्यात्मिक रूप से विकसित करने में मदद करते हैं। गौ सेवा से व्यक्ति को गाय के माध्यम से देवी-देवताओं की सेवा करने का अवसर मिलता है जबकि तपस्या से व्यक्ति का मन शांत होता है और वह ईश्वर के करीब पहुंचता है। इस अवसर पर अनुराग तनेजा, रोहित तनेजा, श्याम सुंदर शर्मा, पवन गुलाटी, नित्या गुलाटी, गुरनाम कौर, मुकेश बंसल, रीटा बंसल, उषा रानी, गीतांजलि, उपासना, जसपाल सिंह, धर्मपाल, राजपाल सिंह, दिनेश अवस्थी, गगन संधू, पूजा रानी, परमजीत कौर, कुलवंत कौर, प्रवीण शर्मा, अनुराधा शर्मा, सतपाल, राज रानी, अजय राठी विजय राठी, अक्षय राठी व कन्हैया लाल इत्यादि भी मौजूद रहे।
