कुरुक्षेत्र, 2 जून। हरियाणा के राजस्व प्रशासन को आधुनिक बनाने और संस्थागत क्षमता निर्माण को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कुरुक्षेत्र जिले के गांव उमरी में हरियाणा राजस्व प्रशिक्षण अकादमी की स्थापना को मंजूरी दे दी है। लगभग 100 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 14 एकड़ भूमि पर इस परियोजना को विकसित किया जाएगा। यह अकादमी राज्य के राजस्व अधिकारियों और फील्ड स्तर के कर्मचारियों के लिए एक प्रमुख प्रशिक्षण केंद्र के रूप में काम करेगी।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तीय आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि यह अकादमी राजस्व अधिकारियों की पेशेवर क्षमताओं को बढ़ाने और उन्हें भूमि प्रशासन, आपदा प्रबंधन तथा सार्वजनिक सेवा वितरण की बदलती चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह निर्णय राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा अकादमी के लिए एक उपयुक्त स्थान की पहचान करने हेतु की गई विस्तृत चर्चा के बाद लिया गया है, जिसकी घोषणा हरियाणा बजट 2026-27 में की गई थी। कुरुक्षेत्र जिले से प्राप्त कई प्रस्तावों का मूल्यांकन करने के बाद सरकार ने इस परियोजना के लिए ग्राम पंचायत उमरी को सबसे उपयुक्त स्थान के रूप में चुना है।
डॉ. मिश्रा ने बताया कि उमरी में प्रस्तावित स्थल के कई राजनीतिक और प्रशासनिक लाभ हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर स्थित होने के कारण, यह भूमि हरियाणा के सभी हिस्सों के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों से भी बेहतरीन कनेक्टिविटी प्रदान करती है। यह स्थल मिनी सचिवालय और तहसील परिसर से लगभग दो किलोमीटर की दूरी पर है, जिससे प्रमुख प्रशासनिक कार्यालयों और सरकारी विभागों तक आसानी से पहुँचा जा सकता है। अकादमी का यह स्थल कुरुक्षेत्र शहर के भी करीब है और आयुष विश्वविद्यालय से लगभग एक किलोमीटर दूर है, जिससे यह तेजी से विकसित हो रहे शैक्षणिक और संस्थागत कॉरिडोर के भीतर आता है।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि हरियाणा राजस्व प्रशिक्षण अकादमी को एक अत्याधुनिक संस्थान के रूप में परिकल्पित किया गया है, जो राजस्व अधिकारियों, पटवारियों, कानूनगो और अन्य फील्ड-स्तरीय अधिकारियों को प्रशिक्षित करने के लिए समर्पित होगा। अकादमी आधुनिक भूमि शासन प्रथाओं, भूमि रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण, राजस्व कानूनों, विवाद समाधान तंत्र, भूमि अधिग्रहण प्रक्रियाओं, आपदा प्रबंधन और सार्वजनिक प्रशासन में उभरती चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित करेगी। उम्मीद है कि यह संस्थान पेशेवर प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के लिए एक उत्कृष्टता केंद्र के रूप में उभरेगा, जिससे पूरे हरियाणा में राजस्व प्रशासन में दक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही में सुधार करने में मदद मिलेगी।
राज्य की प्रशासनिक मशीनरी की रीढ़ के रूप में, राजस्व विभाग भूमि शासन, राजस्व प्रशासन, आपदा प्रबंधन और नागरिक सेवाओं के वितरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पिछले कुछ वर्षों में, डिजिटल भूमि रिकॉर्ड, ऑनलाइन सेवा वितरण प्लेटफॉर्म और तकनीक-सक्षम शासन प्रणालियों की शुरुआत के साथ इसकी जिम्मेदारियों का दायरा और जटिलता काफी बढ़ गई है। इन बदलावों के बावजूद, एक समर्पित प्रशिक्षण पारिस्थितिकी तंत्र की कमी एक बड़ी कमी बनी हुई थी। हरियाणा राजस्व प्रशिक्षण अकादमी विश्व स्तरीय क्षमता निर्माण केंद्र बनकर इस कमी को पूरा करेगी, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि राजस्व अधिकारी डिजिटल युग में कुशल, पारदर्शी और संवेदनशील प्रशासन के लिए आवश्यक आधुनिक ज्ञान, डिजिटल क्षमताओं और व्यावहारिक कौशल से लैस हों।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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