कुरुक्षेत्र, 30 मई। इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीग्रेटेड एंड ऑनर्स स्टडीज़, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की वरिष्ठ प्राध्यापिका प्रो. अतुल रसिका मौदगिल 31 मई को अपनी दीर्घ एवं गौरवपूर्ण शैक्षणिक सेवाओं के उपरांत सेवानिवृत्त होंगी। इस अवसर पर संस्थान परिवार ने उनके उत्कृष्ट योगदान, संस्थागत समर्पण एवं प्रेरणादायी व्यक्तित्व को नमन करते हुए उन्हें भावभीनी शुभकामनाएं दी हैं। अगस्त 1966 में अंबाला (तत्कालीन पंजाब) में जन्मी प्रो. रसिका मौदगिल एक शिक्षित एवं संस्कारित परिवार से संबंध रखती हैं। उनकी माता श्रीमती प्रेमलता कपिल हरियाणा शिक्षा विभाग में प्राचार्या के पद से सेवानिवृत्त हुईं। प्रो. मौदगिल ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गीता गर्ल्स स्कूल, कुरुक्षेत्र से प्राप्त की तथा कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से बी.एससी. (नॉन-मेडिकल), बी.एड., एम.ए. (अंग्रेजी), एम.फिल. एवं पीएच.डी. की उपाधियां हासिल कीं। उनका शोध कार्य स्वर्गीय प्रो. जी.एल. नारंग के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। संस्थान के साथ उनका संबंध वर्ष 1982 में एक छात्रा के रूप में प्रारंभ हुआ। सितंबर 1992 में उन्होंने यूनिवर्सिटी कॉलेज, कुरुक्षेत्र में अस्थायी प्रवक्ता के रूप में कार्यभार संभाला और नवंबर 1993 में नियमित सेवा प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने तीन दशकों से अधिक समय तक उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय सेवाएं प्रदान कीं।
अपने शिक्षण कार्यकाल के दौरान उन्होंने अनेक एम.फिल. एवं पीएच.डी. शोधार्थियों का मार्गदर्शन किया तथा शोध-पत्रों एवं जर्नल प्रकाशनों के माध्यम से अकादमिक जगत में महत्वपूर्ण योगदान दिया। अपने सौम्य व्यवहार, विद्वता एवं मार्गदर्शक व्यक्तित्व के कारण वे विद्यार्थियों, शोधार्थियों और सहकर्मियों के बीच अत्यंत सम्मानित रहीं।
शैक्षणिक क्षेत्र के साथ-साथ प्रो. मौदगिल का आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों से भी गहरा जुड़ाव रहा है। वे शांतिकुंज हरिद्वार, गीता परिवार, गौड़ीय मठ, भारत सेवाश्रम संघ तथा गायत्री चेतना केंद्र जैसी संस्थाओं से सक्रिय रूप से जुड़ी रही हैं। उन्होंने गीता परिवार के माध्यम से श्रीमद्भगवद्गीता के सभी 18 अध्यायों का अध्ययन कर प्रमाणपत्र भी प्राप्त किया है। गीता, गंगा, गायत्री एवं गौ सेवा के आदर्श उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा रहे हैं। उनके पति डॉ. वी.के. मौदगिल हरियाणा उच्च शिक्षा विभाग में लगभग 32 वर्षों तक सेवाएं देने के बाद राजकीय कन्या महाविद्यालय, चीका के प्राचार्य पद से सेवानिवृत्त हुए। वर्तमान में वे सामाजिक सेवा एवं अधिवक्ता के रूप में सक्रिय हैं।
प्रो. मौदगिल के दोनों पुत्र भी अपने-अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं। बड़े पुत्र औजस्वी मौदगिल एवं पुत्रवधू आरज़ू गुरुग्राम स्थित बहुराष्ट्रीय कंपनियों में उच्च पदों पर कार्यरत हैं, जबकि छोटे पुत्र डॉ. अभिनव मौदगिल एवं पुत्रवधू डॉ. अदिति मावलंकर लंदन में वैश्विक शोध संस्थानों से जुड़े हुए हैं। डॉ. अभिनव प्रौद्योगिकी क्षेत्र की अग्रणी कंपनी में तथा डॉ. अदिति एक प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान संस्थान में वरिष्ठ शोध वैज्ञानिक के रूप में कार्यरत हैं।
सेवानिवृत्ति के इस अवसर पर आईआईएचएस परिवार ने प्रो. अतुल रसिका मौदगिल के स्वस्थ, सुखमय, शांतिपूर्ण एवं दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए कहा कि उनका जीवन शिक्षा, आध्यात्मिकता, सांस्कृतिक मूल्यों, संस्थागत समर्पण और मानव उत्थान का प्रेरणास्रोत रहा है।

By Dr. Rajesh Wadhwa

778-779, Partap Colony, Railway Road, Near Rudra Cinema, Opp Chaat King India Row, Kurukshetra 136118 Mob. 9896352867, 9467040367

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *