कुरुक्षेत्र, 27 मई। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में डॉ. बी.आर. अंबेडकर अध्ययन केंद्र  द्वारा आयोजित तथा रूसा के सहयोग से संचालित पांच दिवसीय ‘अपरकालिक कौशल विकास कार्यक्रम’ का सफलतापूर्वक समापन हो गया। यह कार्यक्रम 22 मई से 26 मई 2026 तक आयोजित किया गया, जिसमें कुल 86 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को आवश्यक जीवन कौशल, पेशेवर दक्षता तथा कार्यस्थल के लिए तैयार करना था ताकि वे अपने भविष्य के करियर में सफलता प्राप्त कर सकें।
समापन समारोह में विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. वीरेन्द्र पाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए आयोजकों और विशेषज्ञों की सराहना की तथा सभी 86 प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में केवल शैक्षणिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि व्यवहारिक कौशल, सकारात्मक सोच और पेशेवर दक्षता भी सफलता के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर सीखने, समय का सदुपयोग करने तथा आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। डॉ. वीरेंद्र पाल ने कहा कि इस प्रकार के कौशल विकास कार्यक्रम युवाओं को रोजगारोन्मुख बनाने के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम का संचालन एवं समन्वय प्रो. महावीर नरवाल द्वारा किया गया, जबकि  डॉ. अम्बेडकर केन्द्र के निदेशक डॉ. प्रीतम सिंह के मार्गदर्शन में इसे सफल बनाया गया। पांच दिनों तक चले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विद्यार्थियों को विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। डॉ. संजीव अग्रवाल ने “कंप्यूटर की बुनियादी बातें एवं कंप्यूटिंग कौशल” विषय पर व्याख्यान देते हुए डिजिटल साक्षरता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को तकनीक को आत्मनिर्भरता और पेशेवर विकास का मजबूत माध्यम बनाने के लिए प्रेरित किया। डॉ. रमेश सरोही ने “पेशेवर नैतिकता” विषय पर संबोधित करते हुए कहा कि ईमानदारी, अनुशासन और नैतिक मूल्यों का पालन किसी भी सफल करियर की आधारशिला है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने पेशेवर जीवन में नैतिक मूल्यों को बनाए रखने का आह्वान किया।
डॉ. प्रवेश ने “समय प्रबंधन” पर आयोजित संवादात्मक सत्र में कार्यों की प्राथमिकता तय करने, टालमटोल से बचने तथा कार्य और निजी जीवन में संतुलन बनाए रखने के व्यावहारिक उपाय बताए। उन्होंने समय को सबसे मूल्यवान संसाधन बताते हुए उसके सही उपयोग पर जोर दिया। डॉ. भंवर सोम ने “टीमवर्क” विषय पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए सहयोग, आपसी सम्मान और सामूहिक प्रयासों की महत्ता समझाई। उन्होंने वास्तविक जीवन के उदाहरणों के माध्यम से बताया कि प्रभावी टीमवर्क संगठनात्मक सफलता की कुंजी है। डॉ. अम्बेडकर केन्द्र के निदेशक डॉ. प्रीतम सिंह ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए रूसा का आभार व्यक्त किया। वहीं प्रो. महावीर नरवाल ने कुलसचिव, सभी संकाय सदस्यों तथा प्रतिभागियों का सहयोग के लिए धन्यवाद किया।

By Dr. Rajesh Wadhwa

778-779, Partap Colony, Railway Road, Near Rudra Cinema, Opp Chaat King India Row, Kurukshetra 136118 Mob. 9896352867, 9467040367

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *