चंडीगढ़। हरियाणा से राज्यसभा चुनाव 2026 का विवाद हाई कोर्ट पहुंच गया है। राज्यसभा चुनाव में पराजित निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में चुनाव याचिका दाखिल कर कांग्रेस उम्मीदवार करमवीर सिंह बौद्ध के निर्वाचन को चुनौती दी है।
याचिका में दावा किया गया है कि एलेनाबाद के विधायक भारत सिंह बेनीवाल का वोट चुनाव नियमों का उल्लंघन करते हुए गलत तरीके से वैध माना गया, जबकि वह वोट रद्द किया जाना चाहिए था। साथ ही कांग्रेस उम्मीदवार के नामांकन पत्र को भी “अवैध और बाद में दस्तावेज जोड़कर पूरा किया गया” बताया गया है।
याचिका में कहा गया है कि 16 मार्च 2026 को हुए राज्यसभा चुनाव में भाजपा के संजय भाटिया और कांग्रेस के करमवीर सिंह बौद्ध विजयी घोषित किए गए थे, जबकि सतीश नांदल निर्दलीय उम्मीदवार थे।
सतीश नांदल ने क्या कहा?
नांदल का आरोप है कि मतदान के दौरान कांग्रेस उम्मीदवार के अधिकृत एजेंट भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने विधायक भारत सिंह बेनीवाल के बैलेट पेपर को छुआ और संभाला, जो चुनाव नियमों के खिलाफ है।
याचिका के अनुसार भाजपा उम्मीदवार संजय भाटिया के चुनाव एजेंट कृष्ण सिंह बेदी ने मतदान वाले दिन शाम 4:01 बजे लिखित शिकायत देकर बेनीवाल का वोट रद्द करने की मांग की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि मतदान प्रक्रिया के दौरान अधिकृत एजेंट ने बैलेट पेपर को छुआ, जो “सीक्रेसी ऑफ बैलेट” का उल्लंघन है।
याचिका में कहा गया कि रिटर्निंग अधिकारी ने चुनाव आयोग को भेजी रिपोर्ट में खुद माना था कि वीडियो देखने पर बैलेट पेपर अधिकृत एजेंट द्वारा “टच” किया गया था, हालांकि उसे “हैंडओवर” नहीं किया गया। इसके बावजूद चुनाव आयोग ने यह कहते हुए मतगणना की अनुमति दे दी कि कानून के खिलाफ कुछ नहीं हुआ।
क्या है दलील?
सतीश नांदल ने दलील दी है कि कंडक्ट ऑफ इलेक्शन रूल्स 1961 के तहत अधिकृत एजेंट केवल वोट दिखाकर सत्यापन कर सकता है, लेकिन बैलेट पेपर को छूने की अनुमति नहीं है। ऐसे में संबंधित वोट स्वतः अवैध हो जाता है। याचिका में दावा किया गया कि यदि यह वोट रद्द किया जाता तो चुनाव परिणाम प्रभावित होता और करमवीर सिंह बौद्ध की जीत निरस्त हो सकती थी।
याचिका में कांग्रेस उम्मीदवार करमवीर सिंह बौद्ध के नामांकन पत्र पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। आरोप लगाया गया है कि नामांकन के साथ जरूरी नो-ड्यूज सर्टिफिकेट और शपथपत्र समय पर जमा नहीं किए गए। बाद में दस्तावेज हासिल कर रिकॉर्ड में जोड़ने और हेरफेर करने का आरोप भी लगाया गया है।
याचिकाकर्ता ने हाई कोर्ट से मांग की है कि भारत सिंह बेनीवाल के वोट को अवैध घोषित किया जाए, चुनाव आयोग और रिटर्निंग अधिकारी के 16 मार्च 2026 के आदेश रद्द किए जाएं, करमवीर सिंह बौद्ध का निर्वाचन निरस्त किया जाए तथा परिणाम की दोबारा गणना कर उन्हें विजयी घोषित किया जाए।
