कुरुक्षेत्र, 22 मई। उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा खरीफ 2026 फसल के लिए मेरा पानी मेरी विरासत योजना को लागू किया गया है। इस योजना के लिए इस सीजन में ऑनलाइन आवेदन आरंभ हो चुके हैं। किसानों को इस योजना के अंतर्गत 8 हजार रुपए प्रति एकड़ अनुदान दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मेरा पानी मेरी विरासत योजना को खरीफ 2026 सीजन के लिए कुरुक्षेत्र जिले में लागू किया गया है। इस योजना के तहत जो किसान धान की फसल को छोडक़र पानी की कम लागत वाली वैकल्पिक फसलों को लगाने का काम करेगा, उसे इस योजना का लाभ दिया जाएगा। किसान धान की फसल के स्थान पर मक्का, कपास, खरीफ दलहन में अरहर, मूंग, मोठ, उड़द, ग्वार, सोयाबीन, खरीफ तिलहन में तिल, अरंडी, मूंगफली, चारा फसलें, खरीफ प्याज, बागवानी या कृषि वानिकी में पॉपलर और सफेदा लगाने को शामिल किया गया है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान वर्ष में जिन किसानों ने धान न लगाकर खेत खाली छोड़ा है, वे किसान भी इस योजना के अंतर्गत लाभांवित होगे। इसके अतिरिक्त दलहन, तिलहन और कपास की खेती करने वाले किसानों को प्रति एकड़ 2 हजार रुपए बोनस स्वरूप दिए जाएंगे। इस योजना का लाभ लेने के लिए मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण करना अनिवार्य है।
उन्होंने कहा कि वैकल्पिक फसलों के लिए किसानों को कृषि विभाग द्वारा गुणवत्तायुक्त बीज, तकनीकी मार्गदर्शन और बाजार सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। धान की फसल में एक किलो चावल पैदा करने के लिए लगभग 3000-5000 लीटर पानी की खपत होती है। ऐसे में मेरा पानी मेरी विरासत योजना भविष्य की पीढिय़ों के लिए पानी बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने जिले के किसानों से अपील की है कि वे भूजल संरक्षण के इस अभियान में भागीदार बनें और अधिक से अधिक संख्या में धान के स्थान पर वैकल्पिक फसलों को अपनाकर योजना का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि इस योजना के बारे में अधिक जानकारी हासिल करने के लिए टोल फ्री नंबर 18001802117 या जिला कृषि उप निदेशक कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। उपायुक्त ने किसानों को अपील करते हुए कहा कि वो इस योजन का लाभ उठाएं।
