कार्यों में बढ़ेगी पारदर्शिता, फाईलों की होगी रियल टाइम मॉनिटरिंग- डॉ. वैशाली शर्मा, निगमायुक्त।
करनाल 22 मई, नगर निगम करनाल में प्रशासनिक कार्यों को अधिक पारदर्शी, तेज और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जल्द ही ई-ऑफिस व्यवस्था लागू की जाएगी। नगर निगम आयुक्त डॉ. वैशाली शर्मा के निर्देश पर निगम अधिकारियों एवं कर्मचारियों को ई-ऑफिस पोर्टल का प्रशिक्षण दिया जा चुका है तथा इसके लिए आवश्यक तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं।
ई-ऑफिस व्यवस्था से कार्यप्रणाली होगी आधुनिक।
नगर निगम आयुक्त ने बताया कि ई-ऑफिस व्यवस्था लागू होने से कार्यालय कार्य प्रणाली पूरी तरह डिजिटल और सुव्यवस्थित होगी। इससे विभिन्न शाखाओं में फाइलों की आवाजाही तेज होगी और कार्यों में पारदर्शिता भी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से किसी भी फाइल की वर्तमान स्थिति, वास्तविक समय में देखी जा सकेगी। इससे अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी तथा लंबित मामलों की निगरानी करना आसान होगा।
पेपर वर्क में आएगी कमी, कागज की होगी बचत।
उन्होंने बताया कि ई-ऑफिस व्यवस्था लागू होने से कार्यालयों में होने वाला पेपर वर्क काफी कम होगा। इससे समय की बचत के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि कागज की खपत में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि डिजिटल कार्य प्रणाली अपनाने से दस्तावेजों का रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा और आवश्यक फाइलें आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी।
अधिकारियों एवं कर्मचारियों को दिया गया प्रशिक्षण।
उन्होंने बताया कि ई-ऑफिस व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करने के लिए निगम स्टाफ को पोर्टल संचालन का प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों को डिजिटल फाईल प्रबंधन, ऑनलाइन नोटिंग, दस्तावेज अपलोडिंग तथा विभिन्न प्रशासनिक प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई है।
सभी आवश्यक प्रक्रियाएं लगभग पूरी।
उन्होंने बताया कि ई-ऑफिस व्यवस्था लागू करने के लिए आवश्यक प्रक्रियाएं लगभग पूर्ण कर ली गई हैं। इनमें अधिकारियों एवं कर्मचारियों की एम्प्लोयी आईडी बनाना, डिजिटल सिग्नेचर तैयार करवाना तथा अन्य तकनीकी औपचारिकताएं शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि नगर निगम प्रशासन का प्रयास है कि जल्द से जल्द ई-ऑफिस व्यवस्था को पूर्ण रूप से लागू कर नागरिक सेवाओं को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाया जा सके। इस मौके पर मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी श्रुति मिश्रा, अतिरिक्त निगम आयुक्त अशोक कुमार, अधीक्षण अभियंता पुनीत कुमार तथा विशेषज्ञ जश्रजीत इत्यादि मौजूद रहे।
