करनाल, 21 मई। डीसी डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने बताया कि दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना (दयालु-2) हरियाणा सरकार द्वारा चलाई जा रही एक कल्याणकारी योजना है, जो 1.80 लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले परिवारों को सहारा देती है। इसका मुख्य उद्देश्य आवारा पशुओं (गाय, बैल, कुत्ते, नीलगाय, गधा, खच्चर आदि) के काटने या हमले से होने वाली मृत्यु या स्थायी विकलांगता के मामलों में पीड़ित या उसके परिवार को वित्तीय सहायता प्रदान करना है।

डीसी ने बताया कि दयालु-2 योजना हरियाणा परिवार सुरक्षा न्यास (एचपीएसएन) के माध्यम से पारदर्शी रूप से लागू की गई है। यह योजना बेसहारा पशुओं के कारण होने वाली दुर्घटनाओं में हताहत होने पर आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है। इसके तहत सहायता राशि आयु के अनुसार अलग-अलग है, जो हरियाणा परिवार सुरक्षा न्यास द्वारा दी जाती है। उन्होंने बताया कि 12 वर्ष तक के पीड़ितों को एक लाख रुपये, 12 से 18 वर्ष तक दो लाख रुपये, 18 से 25 वर्ष तक तीन लाख रुपये, 25 से 40 वर्ष पांच लाख रुपये तथा 40 से 60 वर्ष तक की आयु के पीड़ितों को तीन लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है। इसी प्रकार 70 प्रतिशत से कम दिव्यांगता होने पर कर्मचारी क्षतिपूर्ति एक्ट 1923 की सूची के अनुसार आनुपातिक लाभ दिया जाएगा। सार्वजनिक स्थान पर कुत्ता काटने की स्थिति में 10,000 रुपये प्रति दांत के निशान के हिसाब से सहायता दी जाएगी।

उन्होंने बताया कि योजना को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने नियम निर्धारित किए हैं। आवेदक हरियाणा का स्थायी निवासी होना चाहिए। परिवार पहचान पत्र होना अनिवार्य है। दुर्घटना मृत्यु/स्थायी विकलांगता योजना के लाभार्थी/दावेदार द्वारा दावा ऑनलाइन पोर्टल https://dapsy.finhry.gov.in/ के माध्यम से दाखिल किया जाएगा।

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