चंडीगढ़। कांग्रेस विदेश सहयोग विभाग के सह संयोजक एवं हिसार के पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह ने सात माह पहले जब जींद के नरवाना स्थित दनौंदा गांव से सद्भाव यात्रा आरंभ की थी, तब हर किसी ने उनकी हंसी उड़ाई थी। हंसी उड़ाने वाले कोई दूसरे नहीं, बल्कि कांग्रेस के नेता ही थे।
उन्हें शक था कि बृजेंद्र सिंह ने कांग्रेस नेताओं के बीच सद्भाव और एकजुटता के जिस मकसद से यह यात्रा आरंभ की है, वह कभी पूरा होगा अथवा नहीं। इन सात माह के भीतर कांग्रेस नेता पूरी तरह से बिखरे हुए रहे, लेकिन यात्रा के अंतिम पड़ाव में गुरुग्राम में जब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी सद्भाव यात्रा का हिस्सा बनने आए तो समस्त कांग्रेस नेता एकजुट हो गए।
राव नरेंद्र सिंह भी कदमताल मिलाते नजर आए
बृजेंद्र सिंह की इस यात्रा में राहुल गांधी के साथ मंच पर वे कांग्रेस नेता भी दिखे, जो सद्भाव यात्रा को कांग्रेस की यात्रा नहीं मानते थे और उसमें एक भी दिन शामिल नहीं हुए थे। गुरुग्राम के खांडसा चौक से निकाली गई सद्भावना यात्रा में विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा, प्रभारी बीके हरिप्रसाद, सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा और हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह भी कदमताल मिलाते नजर आए।
करीब 800 मीटर की यात्रा के दौरान राहुल गांधी सभी दिग्गजों के कंधे पर हाथ रखकर अपनी बात कहते नजर आए। कभी बृजेंद्र सिंह के साथ चले तो कभी दीपेंद्र के साथ चलते हुए बातचीत की।
मंच से राहुल गांधी ने अपना संबोधन बृजेंद्र सिंह के लिए हरियाणा के बब्बर शेर कहकर आरंभ किया और संदेश दिया कि पार्टी के लिए एकजुटता बनाए रखना और जनता से इसी तरह की यात्रा निकालकर संवाद करते रहना हर कांग्रेस नेता का दायित्व है।
बृजेंद्र सिंह के प्रयासों की सराहना करते हुए राहुल ने यहां तक कहा कि हरियाणा के साथ-साथ देश में सभी जगहों पर कांग्रेस के युवा नेता इस तरह की यात्रा निकालें, जिससे जनता से संवाद करने से खुद के साथ पार्टी को लाभ होगा।
राहुल गांधी के कार्यक्रम में शामिल नहीं हुईं कुमारी शैलजा
इससे पहले उनकी बात का असर मंच पर ही देखने को मिला। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने पार्टी महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला के साथ हाथ पकड़ कर करीब 10 मिनट तक बात की।
जब यात्रा निकल रही थी, तब कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला, कुमारी सैलजा, कुलदीप शर्मा और पूर्व मंत्री कैप्टन अजय यादव सहित कुछ ही नेता इसमें शामिल हुए थे। कुमारी सैलजा उत्तराखंड की प्रभारी हैं, लेकिन वह अपने राजनीतिक कार्यक्रमों की वजह से राहुल गांधी के कार्यक्रम में शामिल नहीं हुई।
राजनीतिक चर्चा है कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने एक वायरल वीडियो में कहा था कि वे बुलाने पर ही राहुल गांधी की यात्रा में जाएंगे और वे चले भी गए, लेकिन सैलजा जो कि पहले दिन से सद्भाव यात्रा में कई बार शामिल हुई, राहुल गांधी के कार्यक्रम में शामिल नहीं हुई।
